इटावा। मंगलावार को हुई बूंदाबांदी से ठिठुरन बढ़ गई। सुबह 11 बजे तक छाए कोहरे के बीच वाहन चालक हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाते नजर आए। बूंदाबांदी के चलते सरसों की पछती फसल को नुकसान हुआ है। बाकि ज्यादातर फसलों को इससे फायदा ही होगा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि सोमवार को 24 डिग्री सेल्सियस था। वहीं न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही बाजारों में दुकानदार अलाव जलाए बैठे दिखे। बूंदाबांदी के बीच बढ़ी गलन से बचने के लिए गर्म कपड़ों से खुद को ढंके थे।
बीमार व बच्चों को लोगों ने घरों से नहीं निकलने दिया। रेलवे स्टेशन के बाहर समाचार पत्र बेचने वाले प्रशांत कुमार जैन ने बताया कि स्टेशन के बाहर अभी तक अलाव न जलने से लोग परेशान हैं। उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी से स्टेशन आने वाली सवारियों, रिक्शा वालों व समाचार पत्र वितरकों के लिए अलाव जलवाने की मांग की।
चकरनगर। बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को फायदा व सरसों की फसल को नुकसान की आशंका है। पुरवाई हवा चलने से गलन और बढ़ गई है। सड़क पर पशु भी ठंड से कंपकंपाते नजर आए। किसान जयप्रकाश, देवेंद्र कुमार, गुरु नारायण राधेश्याम आदि ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए बूंदाबांदी व सर्दी दोनों लाभाकरी है। हालांकि गलियों में कीचड़ आदि फैलने से लोगों को दिक्त हुई। नया गांव निवासी लवकुश ने बताया कि लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई।
बकेवर। मंगलवार को हुई बूंदाबांदी से सरसों की पछेती फसल को फूल झड़ने की वजह से नुकसान होने की आशंका है। बारिश से अन्य फसलों को लाभ की संभावना है। किसान अनिल कुमार, संतोष, मंशाराम ने बताया फूल निकलने वाली सरसों में हल्का नुकसान हो सकता है। किसानों ने बताया यदि मौसम अधिक दिनों तक खराब रहता है तो आलू की फसल में झुलसा रोग लग सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर जायसवाल का कहना है बारिश होने संभावना बरकरार है। ये बारिश सभी फसलों के लिए लाभदायक है। गेहूं और सरसों का उत्पादन बढ़ेगा। दलहनी और आलू की फसल को ये बारिश पाले के प्रकोप से बचाएगी। हालांकि इससे टमाटर और सरसों की पछेती फसल को नुकसान हो सकता है।