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नहीं थमा मौतों का सिलसिला, बुखार से एक और मौत

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इटावा/चकरनगर/लवेदी। जिले में बुखार व डेंगू का प्रकोप थमा नहीं है। न ही बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला रुका है। सहसों क्षेत्र में बृहस्पतिवार की देर शाम एक युवक की तेज बुखार से मौत हो गई।
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वहीं, लवेदी के मजरा उग्गरपुरा में बुखार व डेंगू की मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता व हाथरस व निर्भया कांड की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा के बड़े भाई, भतीजीभी डेंगू की चपेट में आ गए।
जसवंतनगर के दुढूहा गांव में ऐसा कोई घर नहीं बचा, जहां बुखार से पीड़ित कोई न कोई चारपाई पर कराह रहा हो या अस्पताल में भर्ती न हो है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग में आंकड़ों में जिले में सब कुछ ठीकठाक है।
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सहसों गांव निवासी श्याम तिवारी (42) को मंगलवार को तेज बुखार आया। बड़े भाई अवनीश तिवारी ने बताया कि श्याम को बुखार आने पर स्थानीय एक निजी चिकित्सक को दिखाया गया।
उनकी दवा से श्याम को फायदा नहीं हुआ, बल्कि हालत और बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को श्याम की मौत हो गई। अवनीश के मुताबिक, श्याम को कैंसर हुआ था, लेकिन उपचार से लगभग ठीक हो गया था।
श्याम की मौत की खबर सुनते ही रिश्तेदार, आसपास के लोगों का उनके घर सांत्वना देने पहुंचने का लोगों का सिलसिला शुरू हो गया, जो शुक्रवार को भी चलता रहा। सहसों गांव में बुखार से कई और लोगों के बीमार होने की बात कही जा रही है।
उधर, लवेदी क्षेत्र की ग्राम पंचायत ईकरी के मजरा उग्गरपुरा में डेंगू से हुई महिला की मौत के बाद 25 लोग डेंगू और वायरल बुखार से पीड़ित हैं। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा के बड़े भाई प्रहलाद कुशवाहा, भतीजी गुनगुन भी डेंगू की चपेट में आ गए।
दोनों का आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर मरीजों को देखा और दवाएं भी दीं। ग्रामीणों ने एंटी लार्वा का छिड़काव करने की मांग की है।
उग्गरपुरा गांव की गीता देवी की मौत को स्वास्थ्य विभाग भले ही डेंगू की वजह न मान रहा हो, लेकिन गांव के हालत बिगड़ते जा रहे हैं। गांव में 25 से ज्यादा लोग बीमार हैं, जिनमें तीन की बृहस्पतिवार की रात तबीयत बिगड़ गई।
गांव के धर्म सिंह को इटावा से ग्वालियर रेफर कर दिया गया। तीनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
उग्गरपुरा में स्वास्थ्य टीम ने इलाज किया
29 अक्तूबर के अमर उजाला के अंक में गांव में बीमारी फैली होने की खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को सीएचसी महेवा प्रभारी डॉ. गौरव त्रिपाठी ने डॉ. मिथलेश व एलटी भानू प्रताप के साथ उग्गरपुरा गांव में पहुंचे और 41 लोगों को देखा।
बुखार से पीड़ित 26 लोगों का ब्लड टेस्ट किया गया। 20 का मलेरिया व आठ की डेंगू की जांच की गई। 60 लोगों की आरटीपीसीआर की जांच की गई। ग्रामीण चिंटू भदौरिया, पप्पू दूधिया, अरुण कुमार, दीपक, अभिषेक भदौरिया समेत तमाम लोगों ने गांव में साफ-सफाई कराने के साथ एंटी लार्वा व डीटीटी का छिड़काव कराने की मांग डीएम से की है।
सैफई में डेंगू के 17 नए मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में शुक्रवार को बुखार के 86 मरीज देखे गए, जबकि डेंगू के 17 नए मरीज को भर्ती किए गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल से डेंगू के 22 मरीजों की छुट्टी की गई।
वर्तमान में 48 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को इटावा के डेंगू के सात नए मरीज भर्ती हुए हैं। इटावा के 13 डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इटावा के वर्तमान में 31 डेंगू मरीज भर्ती हैं।
इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी व एटा समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
49 मरीजों में मिले डेंगू से लक्षण
इटावा। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 517 बुखार के रोगी ओपीडी में देखे गए। 152 की डेंगू रैपिड जांच की गई। 49 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया। इनके सैंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए हैं।
23 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। पीएचसी और सीएचसी में बुखार के 231 मरीज देखे गए। 71 लोगों की डेंगू की जांच हुई। किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। निजी अस्पतालों में भर्ती 57 मरीजों में रैपिड जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए।
40 मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए हैं। अभी निजी अस्पतालों में 217 मरीज भर्ती हैं, जबकि 80 मरीजों को अस्पतालों छुट्टी दी गई है। यह आंकड़ा सीएमओ कार्यालय की तरफ से जारी किया गया है।
दुुढूहा गांव में ज्यादातर घरों में मिले बीमार
जसवंतनगर। क्षेत्र के दुढूहा गांव में बुखार का प्रकोप जारी है। यहां घर-घर में चारपाई पड़ी हुई है। बीमार लोग बुखार को डेंगू बताकर स्वास्थ्य विभाग को कोस रहे, जबकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अभी तक गांव का जायजा लेना भी जरूरी नहीं समझा।
गांव मेें लगभग डेढ़ महीने से यह बीमारी फैली है। छह से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अमर उजाला की टीम शुक्रवार को दुढूहा गांव का जायजा लेने पहुंची। प्रेम सिंह की बेटी चांदनी का एक सप्ताह से शिकोहाबाद से एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
देवेंद्र सिंह की बेटी कशिश 15 दिन से बीमार है। रजनी भी 15 दिन से इटावा के निजी अस्पताल में उपचार करा रही हैं। रवि की भतीजी कोमल, मायादेवी, मेवाराम, राकेश की बेटी रोली बीमार है।
दयाशंकर शाक्य मुखिया ने बताया कि उनके दो बेटे व पुत्र वहू रजनीश देवी, श्वेता देवी, कुसुमलता भी बुखार से पीड़ित हैं। वीर सिंह भी आठ दिन से बुखार का इलाज करा रहे हैं। उनकी मां कमला देवी शहर के एक अस्पताल में भर्ती है।
मिलाप सिंह शाक्य की बेटी प्रियंका निजी अस्पताल में भर्ती है। गांव के राधेश्याम, राजकुमार, सियाराम समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। छह से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रधान लक्ष्मी नारायण शाक्य का कहना है कि उनकी ग्राम पंचायत मलजनी में डेंगू के लक्षणों वाले बुखार के सैकड़ों की संख्या में मरीज हैं। अब तक सिर्फ एक स्वास्थ्य शिविर लगाकर खानापूरी की गई है।
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