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पहले दिन धान खरीद केंद्रों पर सन्नाटा

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इटावा। सोमवार से जनपद के 27 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का पहला दिन होने के बावजूद किसी भी क्रय केंद्र किसान धान बेचने नहीं आए। 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जनपद को 42 हजार 200 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है।
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कॉमन धान 1940 रुपये व ए-ग्रेड धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपये है। शहर में फर्रुखाबाद रोड स्थित नई मंडी में चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें तीन खाद्य विभाग के व एक भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र है।
एक ओर चारों क्रय केंद्रों पर धान का एक दाना नहीं बिका, दूसरी ओर मंडी परिसर में चारों ओर आढ़त पर धान के ढेर लगे हुए थे। आढ़त पर करीब महीने भर से किसान धान की फसल बेचने आ रहे हैं।
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धान खरीद का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे तक है। पहले दिन नई मंडी में बनाए गए क्रय केंद्रों का अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश ने जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल के साथ तीसरे पहर तीन बजे के बाद निरीक्षण किया।
सभी उपकरण देखे और जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया किसी भी किसान को परेशान न किया जाए। इस दौरान उन्होंने मंडी आए 15 किसानों से बात भी की। किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा था, लेकिन धान बेचने का पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं।
एडीएम ने कहा कि वह सबसे पहले पंजीकरण करा लें। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि वह अच्छी गुणवत्ता वाले धान ही खरीदें। इस दौरान खाद्य विभाग के केंद्र प्रभारी निखिल कुमार समेत अन्य केंद्र प्रभारी भी उपस्थित रहे।
भरथना के चार केंद्रों पर भी रहा सन्नाटा
भरथना। कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में चार धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन किसी भी केंद्र पर पहले दिन धान की खरीद नहीं हो सकी। कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में खाद्य विभाग के तीन व भारतीय खाद्य निगम का एक खरीद केंद्र बनाया गया है।
खाद्य विभाग के धान खरीद केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र पर पहले दिन धान खरीद नहीं हो सकी। केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे, बारदाना समेत अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।
जसवंतनगर नवीन मंडी में तीन केंद्र खुले
जसवंतनगर। नवीन मंडी परिसर में तीन सरकारी धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। सोमवार को पहले दिन धान के कुछ सैंपल आए। मंडी परिसर में बनाए गए सरकारी धान क्रय केंद्रों में तीनों केंद्र खाद्य विभाग के हैं।
हालांकि, कुछ किसान धान के नमूने लेकर आए, मानक के अनुरूप धान न होने की वजह से बिक्री नहीं हो सकी। वरिष्ठ हाट निरीक्षक विजय करण ने बताया धान खरीदने के लिए आवश्यक बारदाना उपलब्ध है।
तीन लाख का बेचा गेहूं, अब राशन से वंचित
इटावा। सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले 372 राशन कार्डधारकों को अब सस्ती दरों पर राशन नहीं मिलेगा। शासन के आदेश पर सभी 372 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
इन किसानों से अप्रैल से लेकर सितंबर तक के राशन की वसूली भी हो सकती है। हालांकि, इस बारे में अभी शासन को अंतिम निर्णय लेना है। जिले में अप्रैल माह से सरकारी गेहूं की खरीद कराई गई थी। इसमें जिले भर के 62 केंद्रों पर लगभग 1600 किसानों ने गेहूं बेचा।
किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान किया गया। बैंक खातों से आधार कार्ड लिंक है। इसलिए इन किसानों का जब डाटा चेक किया गया तो 372 किसान ऐसे पकड़े गए जो सस्ती दरों पर राशन योजना का लाभ उठा रहे थे।
शासन के आदेश पर जिला पूर्ति विभाग ने सभी किसानों की सूची जांच के लिए संबंधित तहसीलों में भेजी। राजस्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद शासन के आदेश पर सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए।
अब इन किसानों को नवंबर माह से सस्ती दरों पर राशन से वंचित होना पड़ेगा। बढ़पुरा ब्लाक में 7, बसरेहर में 70, जसवंतनगर में 45, सैफई में 55, ताखा में 45, भरथना में 119,महेवा में 19 और इटावा शहर के 12 राशन कार्ड धारक शामिल हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल सभी 372 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। उनसे अनाज की वसूली के बारे में अभी कोई आदेश नहीं आया है।शासन का आदेश मिलने के बाद ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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