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न ऋण लिया न बाइक फिर भी हो गई कुर्की

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इटावा। एक व्यक्ति के फर्जी दस्तावेज पर बाइक के लिए ऋण देने और अदा न करने पर उसके घर की कुर्की करने के मामले में कोर्ट ने एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और एक मोटर कंपनी के सेल्स मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक कोर्ट का आदेश प्राप्त करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधिवक्ता वीरपाल सिंह उर्फ वीरू कठेरिया ने बताया कि इकदिल क्षेत्र के डेरा बंजारन गांव निवासी राजकुमार वर्ष 2010 में 17 वर्ष की आयु में अपने पिता के पास बद्दी हिमांचल प्रदेश में बेलदारी की नौकरी करने चला गया था। उसके बाद से वह हिमांचल प्रदेश में ही रहता है। वह वर्ष 2017 व 2021 में दो बार ही अपने गांव आया। उसका यहां किसी बैंक में खाता भी नहीं है। मगर श्री राम सिटी फाइनेंस लिमिटेड कंपनी ने राजकुमार के नाम से अगस्त- 2015 में बाइक खरीदने के लिए 39 हजार रूपए ऋण जारी कर दिया। उसके बाद मिश्रा हीरो कोर्प से बाइक ले ली गई।
राज कुमार के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगाकर ऋण लेने के वाले शख्स ने फाइनेंस कंपनी को ऋण चुकता नहीं किया, तो राजकुमार का डिफाल्टर घोषित कर डिस्ट्रिक्ट आर्बिटरेटर आगरा से उसके खिलाफ 70,262 रुपये का अवार्ड पारित करा दिया गया। सात सितंबर 2021 को उसके घर की कुर्की भी करा ली गई। राज कुमार को गांव के लोगों ने मामले की जानकारी दी। उसके बाद राज कुमार गांव लौटा और न्याय पाने के लिए कोर्ट की शरण ली। अधिवक्ता के मुताबिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार सचान ने सिविल लाइन पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना करने के आदेश दिए है। राज कुमार का कहना है कि न ही उसके पास कोई बाइक है और न ही उसने कभी ऋण ही लिया है।
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