इटावा। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिला कारागार में बंदियों के विधिक अधिकारों के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव जसवीर सिंह यादव ने बताया कि यदि किसी जेल में निरुद्ध बंदी का कोई अधिवक्ता नहीं है तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से निशुल्क अधिवक्ता व विधिक सहायता प्राप्त करने का हकदार है।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में माननीय उच्च न्यायालय, केंद्र व राज्य सरकार की जारी गाइडलाइन का पालन करना हम सब का कर्तव्य है। उपकारापाल प्रणय सिंह ने बताया कि कारागार में 1912 बंदी है जिनमें से 125 महिला बंदी है।
महिलाओं के साथ छह बच्चे हैें। जबकि कारागार की क्षमता 610 है। अस्थायी कारागार में 144 निरुद्ध बंदी है, जिनमें से इटावा के 86 बंदी व औरैया के 58 बंदी है।
इस दौरान सचिव ने बंदियों को कोरोना महामारी से बचाव व बदलते मौसम में और भी अधिक सतर्कता बरतने, मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह, जेलर राम कुबेर सिंह, जेल हेड वार्डन व अनुपम शुक्ला मौजूद रहे।