एक सप्ताह से मौसम में आए बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। कोई वायरल से पीड़ित है तो कोई गले में इंफेक्शन से। वहीं सबसे ज्यादा मौसम का प्रभाव अस्थमा व एलर्जी के मरीजों पर पड़ा है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या अचानक दोगुनी हो गई है। बीते कुछ दिनों से मौसम में तेजी से फेरबदल हुआ है।
जहां दिन का तापमान दोपहर 31 डिग्री तक पहुंचकर लोगों का पसीना बहाने लगा हैै तो रात का तापमान 17 डिग्री तक गिरकर सर्दी का अहसास करा रही हैं। दिन- रात की सर्दी गर्मी ने लोगों को बीमारियों की चपेट में ला दिया है। दिन में तेज धूप से लोग सर्दी के प्रति लापरवाह हो गए हैं।
सुबह व शाम के समय बिना गर्म कपड़े पहने निकलने लगे हैं। यही कारण है कि शरीर बदलते मौसम से प्रभावित हो रहा है और लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बदलते मौसम में बीमारी किस तरह बढ़ रही है। इसका अंदाजा जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों से लगाया जा सकता है।
आमतौर पर अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और अस्थमा के 100 से 150 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं मौसम में आए बदलाव के बाद ऐसे मरीजों की संख्या 350 से 400 तक जा पहुंची है। अस्थमा खांसी जुकाम का बिगड़ा रूप है, जिससे मरीज की सांस फूलने लगती है। बदलता मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद नुकसान पहुंचाता है।
दिन का तापमान गर्म और रात का तापमान सर्द होने से ऐसे लोग सर्दी की चपेट में आते हैं। जुकाम और खांसी की परेशानी बढ़ने लगती है। फेफड़ों में कफ बढ़ने से मरीज को सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। कभी- कभी मरीज को अस्थमा का ऐसा अटैक पड़ता है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ जाता है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. बीके मिश्रा के मुताबिक अस्थमा के मरीजों को सर्दी से विशेष तौर से बचाव करना चाहिए। बदलते मौसम में सुबह- शाम गर्म कपड़ों के साथ सिर और कान को ढककर रखना चाहिए। इस मौसम में बीमारी से बचने ठंडी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। कहा कि अगर इसके बाद भी सर्दी का असर दिखाई दे तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।