इटावा। इस महीने की शुरुआत से ही महंगाई का ऐसा डंक लगा है कि आम आदमी के रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुएं महंगी हो गई हैं। रसोई गैस और मोबाइल फोन पर बात करने के अलावा अब से टीवी देखना भी महंगा हो गया है। देश के नामचीन टीवी नेटवर्क ने अपने पे-चैनलों की कीमतों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
इससे डीटीएच के अलावा उन ग्राहकों पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो केबल टीवी से अपने-अपने टीवी सेटों के माध्यम से मनोरंजन करते हैं। सोनी, स्टार प्लस, जीटीवी और कलर्स जैसे टीवी चैनल्स देखने वाले ग्राहकों को अब 35 से 50 फीसदी ज्यादा पैसा हर महीने देना होगा। जहां सोनी पिक्चर्स नेटवर्क ने सोनी टीवी की कीमत 39 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति माह कर दी है, वहीं जीटीवी देखने के लिए अब 39 की जगह 49 रुपये प्रति माह देने होंगे। कलर्स टीवी का किराया भी 25 रुपये से बढ़कर अब 39 रुपये प्रति माह हो गया है। उधर, ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के टैरिफ प्लान से ाटा हो रहा, जिससे इस महीने से कीमतों में वृद्धि की गई है।
कहा कि इस बढ़ोतरी से अब टाटा स्काई, एयरटेल डीटीएच, वीडियोकॉन जैसी तमाम डीटीएच कंपनियों के ग्राहकों को भी अब हर महीने ज्यादा का रिचार्ज कराना पड़ेगा। शहर में केबल नेटवर्क चला रहे आशीर्वाद केबल नेटवर्क के संचालक विनोद बिधौलिया ने बताया कि ब्रॉडकास्टर कंपनियों ने अपनी तरफ से रेट बढ़ाए हैं। हालांकि, अभी ट्राई की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल शहर में केबल टीवी दर्शकों को पहले की कीमतें ही ली जाएंगी। डेन नेटवर्क की ओर से अगर कीमतें बढ़ाने की सूचना आती है, तो फिर यहां भी किराया बढ़ा दिया जाएगा।
भाजपा सरकार ने महंगाई के अलावा जनता को दिया ही क्या है। डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों से आम आदमी परेशान था ही, अब मोबाइल और डीटीएच के दाम बढ़ाकर मनोरंजन पर भी डाका डाला है।
- अनीता यादव, प्रदेश महासचिव, सपा महिला सभा
महंगाई से समाज का हर वर्ग परेशान है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, जहां महंगाई की मार न पड़ी हो। कोरोना काल में वैसे ही लोगों के पास पूंजी की कमी हो गई है। रोजमर्रा के खर्चे पूरा करना मुश्किल हो रहा। अब मनोरंजन भी करने में हिचकिचा रहा है।
-शुभ्रा चौहान, जिलाध्यक्ष, जनसत्ता दल
महिलाएं घर में टीवी और मोबाइल के उपयोग से मनोरंजन कर लेती थी। अब मनोरंजन तक सब कुछ महंगा कर दिया है। खाना बनाना और रोजमर्रा की चीजें तो पहले से ही काफी महंगी हो चुकी थी। अब तो मुश्किल और बढ़ जाएगी।
-सीमा जैन, गृहिणी