इटावा। धरती पर प्राणियों का जीवन सुरक्षित रहे, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण जरुरी है। पर्यावरण को लेकर जागरूकता की बात की जाती है। यह सच भी है कि लोग खूब जागरूक हैं, लेकिन जरूरत संवेदनशील होने की है। हम सभी लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनना होगा। यह बातें शनिवार को इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी पंडाल में आयोजित पर्यावरण छात्र संसद में पक्षी विशेषज्ञ व उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रोफेसर डॉ. विनय सेठी ने कही।
मुख्य अतिथि डीएम श्रुति सिंह व बतौर विशिष्ठ अतिथि डॉ. विनय सेठी ने दीप प्रज्जवलित कर छात्र संसद का उद्घाटन किया। डॉ. विनय ने कहा कि दूसरों से ज्यादा हम खुद अच्छा करें। इसकी जरूरत है। अब तो संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी यह माना है कि इकोसिस्टम खतरे में है। इसके लिए वर्ष 2021 से 2030 तक काम करने की बात कही गई है। हम सब पर्यावरण और प्रकृति के साथ प्रेम करें, तभी कुछ संभव है। प्रकृति को पैसा नहीं संवेदनाएं चाहिए। प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनकर हम पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकते हैं।
डीएम ने कहा कि बच्चे जो ठान लेते हैं, वह कर लेते हैं। अगर बच्चे पर्यावरण संरक्षम के लिए बड़ों को प्रेरित करेंगे तो बड़े भी बात मानेंगे। पर्यावरण संरक्षण इस समय सबसे बड़ी जरूरत है। एयर कंडीशन से निकलने वाली गैस से काफी प्रदूषण होता है।
डीएफओ अतुल कांत शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण छात्र संसद एक विशेष कार्यक्रम है, जो इटावा में ही होता है। यह सराहनीय कार्यक्रम है, इसमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल होते हैं। कार्यक्रम संयोजक कैलाश यादव व संजय सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन वैभव ने किया।
पर्यावरण छात्र संसद में करीब 20 स्कूलों के 80 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। स्पीकर की भूमिका आयुषी सिंह ने अदा की। स्वच्छता, जल संरक्षण, पौध रोपण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण पर भी चर्चा की गई। संयोजक संजय सक्सेना ने बताया परीक्षाओं की वजह से इस बार ज्यादा स्कूलों के बच्चे शामिल नहीं हो सके।
डीआईओएस राजू राणा, एडीआईओएस डॉ. मुकेश यादव, वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान, एसडीओ संजय सिह, रेंज ऑफिसर प्रबल प्रताप सिंह, एके त्रिपाठी, शिवकुमार, विवेकानंद दुबे, संजय शर्मा, डॉ. उमेश यादव, अभिषेक सक्सेना, गिरिजा शुक्ला, मंजू भदोरिया, पूरन सिंह पाल, रोहन सिंह, डॉ. आशीष दीक्षित, माधवेंद्र शर्मा, कवि डॉ. राजीव राज, विवेक रंजन गुप्ता।
पर्यावरण छात्र संसद में प्रतिभाग करते विद्यार्थी- फोटो : ETAWAH