इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपहरण कर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के मामले में एक ही परिवार के छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्यारों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बकेवर थाना क्षेत्र के गांव करपिया निवासी सुधीर कुमार दीक्षित 13 सितंबर 2016 को अपनी बाइक से कहीं गए थे। इसके बाद वह लापता हो गए थे। परिवार के लोगों ने खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चला। पुत्री हिमांशी दीक्षित ने बकेवर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस को तीसरे दिन गांव के बाहर ग्रामीण लाड़ले के बाग में बने कुएं में सुधीर का शव पड़ा मिला था। उनके सिर व शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने हिमांशी की तहरीर पर गांव के चार भाइयों गिरजेश अवस्थी, अवधेश अवस्थी, बृजेश अवस्थी, रामू अवस्थी, गिरजेश की पत्नी नीतू और अवधेश के बेटे राहुल अवस्थी के खिलाफ अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने आरोपियों के ट्यूबवेल के पीछे खेत से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया था। पुलिस ने विवेचना कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय कल्पना द्वितीय ने की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र वर्मा की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी छहों आरोपियों को अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने व साजिश में दोषी करार दिया। सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।