इटावा। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को कलक्ट्रेट में वटवृक्ष के नीचे किसान धरने पर बैठे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी के साथ घटना की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच, तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करने, बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
वक्ताओं ने भाजपा सरकारों को चेतावनी दी कि किसानों से पंगा लेना महंगा पड़ेगा। किसान आंदोलन को आज 11 महीने पूरे हो रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का संकल्प है कि बिना कानून रद्द कराए और एमएसपी की गारंटी लिए बगैर घर वापस नहीं जाएंगे।
वक्ताओं ने घोषणा की कि 22 नवंबर में लखनऊ में विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। लखीमपुर में शहीद किसानों और पत्रकार के सम्मान में इटावा में 29, 30, 31 अक्तूबर और एक नवंबर को अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी।
एक नवंबर को अस्थि कलश को यमुना में विसर्जित किया जाएगा। कलक्ट्रेट के वटवृक्ष तले धरने पर हुई सभा को किसान सभा के जिलामंत्री संतोष शाक्य, किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष संजीव किसान, सुरेंद्र सिंह, भाकियू अंबावता के विजय बाबा, किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष एनआर यादव, विश्राम सिंह संयुक्त मंत्री, संतोष राजपूत डीवाईएफआई के जिलामंत्री नरेंद्र शाक्य आदि ने संबोधित किया।
भाकियू संरक्षक चौधरी सुरेंद्र सिंह यादव, किसान सभा के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश पोरवाल ने अध्यक्षता की। मौके पर आकर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसडीएम सदर एन राम ने प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन ग्रहण किया।
किसान नेताओं ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
इटावा। लखीमपुर खीरी कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ तीन सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई न होने के विरोध में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने कलक्ट्रेट में सभा करने के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष संजीव किसान ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार में नैतिकता की कमी से देश स्तब्ध है। जिस तरह से जांच हो रही है उसे निराशा और आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञापन में अजय मिश्रा को बर्खास्त कर गिरफ्तार करनेे, घटना की जांच सुप्रीमकोर्ट की निगरानी में एसआईटी से जांच कराने, तीनों काले कृषि कानून रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का दर्जा देने आदि मांगें शामिल हैं।
इस मौके पर सुरेंद्र कुमार यादव, राजेंद्र सिंह यादव, प्रवीण यादव, सुरेंद्र मास्टर, संजेश कुमार, रिंकू यादव आदि मौजूद थे।