इटावा। गणाचार्य विराग सागर महाराज व आचार्य प्रमुख सागर महाराज के सानिध्य में मुनि श्री विहसंत सागर महाराज की प्रेरणा से चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के चौथे दिन तपकल्याणक मनाया गया। आदिकुमार का विवाह व राज्याभिषेक का मंचन किया गया।
सुबह जिनाभिषेक, नित्यार्चना व शांति हवन के दौरान गणाचार्य विराग सागर महाराज अपने संघ समेत मंच पर आए। गाजे-बाजे के साथ अयोध्या नगरी में आदि कुमार का विवाह हुआ। विवाह के बाद आदिकुमार का राज्याभिषेक किया गया। भेंट समर्पण, षटकर्म उपदेश, दंड व्यवस्था के साथ ब्राह्मी सुंदरी को विद्यादान किया गया। कलाकार उमेश जैन की टीम ने शानदार मंचन किया। इन कार्यक्रमों की बागडोर मुनि श्री विहसंत सागर महाराज संभाले हुए थे। दोपहर बाद राजाओं का दरबार सजा और नीलांजना ने नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद आदिकुमार को वैराग्य आ जाता है और वह अपना पूरा राज्य भरत बाहुबलि को सौंप देते हैं।
अंत में अंकन्यास संस्कारोपण के बाद आदि कुमार तप की ओर बढ़ जाते हैं। शाम को आचार्य संघ की देशना के साथ संगीतमय महाआरती और शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम लालपुरा समेत अन्य मंदिरों में प्रस्तुत किए गए।
सुबह 6.30 बजे : जिनाभिषेक, नित्यार्चना
सुबह 8 बजे : आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना
सुबह 9 बजे : भगवान का आहार
सुबह 11 बजे : वेदी व शिखर ,शुद्धि विधान
दोपहर 1 बजे : ज्ञान कल्याणक की अंतरंग क्रियाएं, श्रीजी स्थापना, मंत्र आराधना, आदिवासना, तिलकदान
दोपहर 2 बजे : मुखोद्घाटन, नेत्रोन्मीलन, प्राण प्रतिष्ठा, सूरिमंत्र, केवलज्ञानोपत्ति, समोशरण रचना, तत्वचर्चा, ज्ञान कल्याणक पूजन, बिंब स्थापना
शाम 4:30 बजे : आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना
शाम 6:30 बजे : महाआरती, शास्त्र सभा
रात 8 बजे - सांस्कृतिक कार्यक्रम
बाल क्रीड़ा करते बालक आदिकुमार- फोटो : ETAWAH