जसवंतनगर। जब से हाईवे पर ओवरब्रिज शुरू हुआ है, उसी दिन से परिवहन निगम की बसें कस्बे में आना बंद हो गईं। इसके चलते बस से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़तीं जा रही हैं।
जसवंतनगर से बाहर जाने वाले यात्री घंटों बसों के इंतजार में खड़े रहते हैं, लेकिन बसें नहीं आतीं। परेशान लोगों ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के आला अधिकारियों से कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
जिले के परिवहन निगम के अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस वजह से यात्रियों की परेशानियां दूर नहीं हो पा रहीं हैं। परिवहन निगम के बस चालक व परिचालक अपनी मनमानी पर इस कदर उतारू हैं कि इटावा से आगरा जाने वाले मार्ग पर वह कस्बों के हाईवे से बसें भगा ले जा रहे, जबकि यात्री बस के इंतजार में खड़े रहते हैं।
बसें कब निकल जातीं हैं, यात्रियों को पता ही नहीं चलता। इससे न सिर्फ यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा, बल्कि परिवहन निगम को राजस्व की हानि भी उठानी पड़ रही है।
लोगों की मांग की है कि कस्बे से दो किमी दूर हाईवे पुल के किनारे अधिकतर रात के समय सवारियां उतारने से उनके साथ अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है।
ऐसे में यदि किसी यात्री के साथ कोई भी घटना होती है तो उसके लिए बस चालक व परिचालक को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें बर्खास्त किया जाए। साथ ही उनके विरुद्ध लूट या हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज कराया जाए।
उधर, इटावा डिपो के सहायक प्रबंधक एमसी शर्मा का कहना है कि इसके लिए उन्होंने एक कर्मचारी की तैनाती कर दी है, जो बसों के नंबर नोट कर बसों के जाने की जानकारी दे रहा है।
कहा कि वह अपने डिपो (इटावा) की बसों पर तो नियंत्रण कर लेंगे, लेकिन अन्य डिपो की बसों को नियंत्रित करना मुश्किल है। हालांकि, इसके लिए वह आगरा, साहिबाबाद, लोनी, उरई, महोबा डिपो को पत्र भेज रहे हैं।
ताकि इन डिपो की बसें कस्बे के अंदर से जाएं और यात्रियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।