इटावा। बैंककर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन ही लोग नकद निकालने व बैंक में पैसा जमा करने वालों को परेशानी हुई। पहले दिन लोगों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को जानकारी के चलते लोग बैंक नहीं आए बैंक संबंधित अपने कामों के लिए परेशान रहे। कई एटीएम बूथों से रुपये नहीं निकल सके। जिसके चलते लोग परेशान हुए। हालांकि प्राइवेट बैंकों के एटीएम से निकासी होने के चलते काफी राहत रही।
इकदिल संवाद के अनुसार शुक्रवार को स्टेट बैंक से रुपये निकालने आए राकेश अवस्थी ने बताया कि साढू की लड़की शादी के चलते नकद की जरूरत है। अब किसी से रुपेय उधार लेकर काम चलाना पड़ेगा। बिल्डिंग मैटीरियल कारोबारी हरी कृष्ण ने बताया कि उन्हें रुपये भेजने थे। बैंक बंद होने की वजह से वह नहीं भेज सके। किसान हरिश्चंद्र ने बताया कि खेत पर लगे मजदूरी को रुपये देने थे लेकिन बैंक से रुपये नहीं निकाल सके।
बकेवर संवाद के अनुसार व्यापारी अमरीश ने बताया कि हड़ताल के चलते दो दिन से परेशान हैं। सेवानिवृत्त अध्यापक रुप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मजदूरी व खेत की जुताई के लिए रुपये की जरूरत है। पेट्रोल पंप मैनेजर सुधीर सिंह ने बताया कि तीन दिन की बिक्री के काफी रुपये हो गए, लेकिन जमा नहीं कर पा रहे हैं। सराफा कारोबारी अरविंद पोरवाल ने बताया कि घर पर इतनी धनराशि नहीं रहती, अधिकांश लेनदेन बैंक के जरिए करना पड़ता है। जिससे दिक्कत हो रही है। लवेदी संवाद के अनुसार लखना नहर पुल के पास रहने वाले लोह व्यापारी रीबू पोरवाल ने बताया कि लोहा, सीमेंट आदि की सामग्री मंगाने में दिक्कत हो रही है।