इटावा। भारतीय वायुसेना का मिराज लड़ाकू विमान मध्य प्रदेश के भिंड जिले के भरौली गांव में क्रैश हो गया। इसके पहले इटावा के सहसों थाना क्षेत्र के आंख डांडा व रघा का पुरा गांव के बीच पायलट ने विमान के दोनों फ्यूल टैंक गिरा दिए, जिसको देखकर लोगों में हड़कंप मच गया।
खेतों में फ्यूल टैंक के गिरने के बाद किसी तरह कुछ लोग हिम्मत जुटा कर रमेश के खेत में पहुंचे और दोनों टैंकों को हिला-डुलाकर देखा। जब किसी तरह का रिएक्शन नहीं हुआ, तो राहत की सांस ली।
विमान के फ्यूल टैंक खेत पर गिरने की सूचना पर सहसो थानाध्यक्ष तेज सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष ने बताया कि खेत में गिरे टैंक लड़ाकू विमान के फ्यूल टैंक हैं। विमान क्रैश होने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से पायलट ने इन्हें गिरा दिया है।
दोनों सिविल टैंकों को सुरक्षित कर दिया गया है। आला अधिकारियों के माध्यम से वायु सेना स्टेशन ग्वालियर के अधिकारियों को सूचना दी गई है। सूचना है कि लड़ाकू विमान मध्यप्रदेश के भिंड के भरौली गांव में एक खेत में क्रैश होकर गिर गया।
हादसे में पायलट अखिलेश पांडेय घायल हुए हैं। उन्हें वायुसेना के अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती कराया है। जिस वक्त खेत पर वायुसेना के लड़ाकू विमान के फ्यूल टैंक गिरे, उस वक्त गांव के किसान रामभरोसे पास के खेत में जानवर चरा रहे थे।
रामभरोसे ने बताया कि खेतों में जानवरों को चरा रहे थे। उसी दौरान कानपुर की ओर से जहाज निकला। आसमान से विमान से कुछ गिरता दिखाई दिया। लगा कि दुश्मन देश का जहाज आसमान से बम बरसाकर भाग गया है।
जान बचाने को हम भागे तो तब तक फ्यूल टैंक खेत पर जोरदार आवाज से साथ आ गिरे। उसके कुछ पार्ट्स छिटके तो उनके पैर में आ लगे। इससे पैर में मामूली चोट आई है।
इसके बाद फ्यूल टैंक गिरने की खबर पूरे गांव में फैल गई। देखते ही आसपास के गांवों के लोग भी खेत में विमान के फ्यूल टैंक देखने के लिए पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने लोगों को फ्यूल टैंक से दूर किया।
सीओ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
सीओ चकरनगर राकेश वशिष्ट ने सर्किल के सभी थानों की फोर्स को मौके पर भेजा। साथ ही सहसो थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि जहां फ्यूल टैंक पड़े हैं, वहां पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाए।
कोई इन टैंकों के आसपास न पहुंच सके। जब तक आला अधिकारियों के आदेश न मिल जाए, वहां फोर्स को तैनात रखा जाए।
दरोगाजी जहाज से गिरे है दो बड़े बम
चकरनगर। हेलो! दरोगाजी गांव के खेतों में जहाज से दो बड़े-बड़े बम गिरे हैं, जो कभी भी फट सकते हैं। बच्चे उससे खिलवाड़ कर रहे। आकर देखिए कोई हादसा हो सकता है।
यह सूचना ग्रामीणों ने सहसों एसओ थानाध्यक्ष तेज सिंह तो दी तो वह फोर्स संग मौके पर पहुंचे और फ्यूल टैंक से खिलवाड़ कर रहे युवकों व बच्चों को वहां से हटाया।
कहा कि यह भारतीय वायु सेना की राष्ट्रीय संपत्ति है। इसे किसी तरह का नुकसान पहुंचाना अपराध है। आपातकालीन स्थिति में पायलट को इसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ देेते हैं।
देर शाम तक लगी रही ग्रामीणों की भीड़
विमान के फ्यूल टैंक गिरने की सूचना फैलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आखिर जहाज से गिरा क्या है यह देखने लोग दो पहिया व चार पहिया वाहनों से भी पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में भीड़ जुट गई।
देर शाम तक प्रशासनिक अमले के अलावा तमाशाबीनों की गाड़ियों की कतारें वहां लगी रहीं। निकटवर्ती गांव की महिलाएं, बच्चे खेतों में खड़ी फसलों को रौंदते हुए पैदल ही खेत में पड़े विमान के फ्यूल टैंक देखने के लिए पहुंचे। देर शाम विमान के फ्यूल टैंकों को देखने वालों की भीड़ वहां लगी रही।
दोनों प्रदेशों में नहीं हुई कोई जनहानि
फाइटर प्लेन मिराज का फ्यूल टैंक यूपी के इटावा जिले के सहसों थाना क्षेत्र के आंख डांडा और रघापुरा के बीच रमेश सिंह के खेत में गिरे, जबकि प्लेन क्रैश हुआ 20 किमी दूर भिंड मध्य प्रदेश के भरौली गांव में।
हादसे के दौरान न तो यूपी में कोई जनहानि हुई और न ही एमपी में। यह सब संभव हुआ क्रैश हुए वायु सेना के फाइटर प्लेन के पायलट अखिलेश पांडेय की सूझबूझ से।
पायलट ने खुद की भी पैराशूट से उमरी के परशरामपुरा के पास लैंडिंग की। इधर, देर शाम तक भारतीय वायुसेना का कोई भी अधिकारी सहसों के घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।