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बकेवर फसल के नुकसान का अभी आंकलन नहीं, राजस्व विभाग कर रहा है सर्वे

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बकेवर। बाढ़ प्रभावित गांवों में किसानों की फसल का कितना नुकसान हुआ है। इसका सर्वे अभी तक प्रशासन शुरू नहीं कर पाया है। फिलहाल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए मकानों की सूची तैयार हो रही है।
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जिसके एक-दो दिन में पूरा होने की संभावना है। कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने पर एक लाख तथा पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर 95 हजार का मुआवजा मिलेगा। वहीं आंशिक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 3242 रुपये तो पक्का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 52 सौ रुपये मुआवजा मिलेगा।
चंबल नदी में बाढ़ से 30 गांव से अधिक प्रभावित हुए थे। जिसमें से 10 गांव करीब यमुना नदी के उत्तरी किनारे के बकेवर और लवेदी थाना क्षेत्र के मड़ैया मल्लाहन, अंदावा की मड़ैया, पट्ठा, दिलीप नगर की मड़ैया, व लवेदी क्षेत्र के क्षेत्र के लखनपुर घार कछपुरा तीर की मडैया, चिन्डोली, विझायी, मुचाई हैं।
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इन गांवों में सैकड़ों किसानों की जमीनों पर खड़ी फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई। यमुना नदी के किनारे जमीन पर कई किसानों की साग सब्जी की फसल खड़ी थी। जो पूरी तरह नष्ट हो गई थी। करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रशासन फसल के हुए नुकसान का सर्वे नहीं कर पाया है।
चकरनगर तहसील क्षेत्र के नायब तहसीलदार संजीव सिंह ने बताया कि अभी घरों के गिरने का सर्वे चल रहा है। लेखपालों की टीम सर्वे कर रही है। घरों के गिरने का सर्वे एक-दो दिन में समाप्त हो जाएगा।
खेती में खड़ी फसल के नुकसान का सर्वे भी साथ ही चल रहा है। परंतु खेती के सर्वे में कुछ समय लग रहा है क्योंकि कई खेतों में फसल नहीं थी जिन खेतों में फसल खड़ी हुई थी उनकी जानकारी की जा रही है। खेती के नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट दो-तीन दिन में टीम उपलब्ध करा देगी।
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