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दोस्त ने की थी ई-रिक्शा चालक की हत्या, चाचा समेत गिरफ्तार

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पुलिस गिरफ्त में आरोपी चाचा-भतीजे - फोटो : ETAWAH
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इटावा। आगरा-कानपुर हाईवे पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में सड़क के किनारे बोरे में मिले ई-रिक्शा चालक पिंटू की हत्या कुछ दिनों पूर्व उसके दोस्त बने युवक ने की थी। मृतक का ई-रिक्शा हड़पने के इरादे से हत्या की गई थी। हत्याकांड में उसका चाचा भी शामिल था। दोनों हत्यारोपियों के कोर्ट से जेल भेज दिया गया।
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सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि 16 नवंबर को फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र में तुलसी अड्डा के पास के पास हाइवे किनारे बोरे में युवक का शव मिला था। युवक की पहचान शहर कोतवाली क्षेत्र के बरहीपुरा निवासी ई-रिक्शा चालक पिंटू के रूप में हुई थी। मां चंपा देवी का कहना था कि पिंटू 15 नवंबर से लापता था। उन्होंने अज्ञात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना की जांच थाना प्रभारी प्रभात कुमार, एसओजी प्रभारी अनिल विश्वकर्मा व सर्विलांस टीम के दरोगा समित चौधरी को सौंपा गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से शहर के कटरा शमशेर खां निवासी विकास कुमार शाक्य को पकड़ा। पूछताछ में उसने पिंटू की हत्या का जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी उगल दी।
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विकास ने बताया कि वह पिंटू का ई-रिक्शा हड़पने चाहता था। घटना वाले दिन उसने पिंटू के ई-रिक्शा की चारों बैटरी चुरा ली थी। पिंटू ने इसका विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी। ई-रिक्शा को रामलीला रोड पर खड़ा कर आया था। विकास से पूछताछ के बाद उसके चाचा राजेश उर्फ ललई को शव फेंकने व घटना को छिपाने में रविवार रात में गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे की रॉड, आरोपियों के खून से सने कपड़े, बैनर, चोरी की हुई ई-रिक्शा बैटरियां व पिंटू का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। उधर, हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस की दोनों टीमों को एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
चाचा के प्लाट पर वारदात को दिया था अंजाम
हत्यारोपी विकास ने बताया कि पिंटू को वह एक महीने से जानता था। दोनों ई-रिक्शा चलाते थे। उसने साजिश के तहत पिंटू की हत्या की थी। पिंटू को 15 नवंबर की रात चाचा राजेश शाक्य के खाली प्लाट पर ले गया था। यहीं पर लोहे की रॉड (एक्सल) व पेचकस से उसकी हत्या कर दी। चाचा को शराब खरीदने के लिए भेज दिया था। चाचा के लौटने तक वह पिंटू की हत्या कर चुका था। हत्या के बाद खून से सने कपड़े व बैनर को प्लाट पर छिपाकर पिंटू के शव को चटाई समेत बोरे में भरकर चाचा के साथ अपने ई-रिक्शा से सर्विस रोड पर फेंक आया था।
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