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डेढ़ साल बाद लगा आरोग्य मेला, मिला इलाज

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इटावा। कोरोना महामारी के दौरान बंद हुआ मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का आयोजन करीब डेढ़ साल बाद फिर से रविवार को शुरू हो गया। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और स्वास्थ्य उप केंद्रों पर आयोजित मेलों में मरीजों की निशुल्क जांचकर दवाइयां दी गईं।
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शहर में कोकपुरा स्थित पीएचसी पर हुए मेला का उद्घाटन सदर विधायक सरिता भदौरिया ने किया। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के साथ स्वास्थ्य मेला को दोबारा शुरू किए गए हैं। कोरोना काल से मिली सीख के चलते स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान दास ने बताया जिले के 28 ग्रामीण व छह नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेला आयोजित हुआ। इस दौरान एक ही छत के नीचे लोगों को जांच, उपचार और दवाइयां दी गईं। मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। मेले में मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था है। इस दौरान एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. बीएल संजय, डॉ. अनूप रायपुरिया आदि उपस्थित रहे।
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मेले में मिलीं सुविधाएं
स्वास्थ्य मेले में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श, टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की निशुल्क सेवाएं दी गईं। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं, उन मरीजों को जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अथवा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
मड़ैया शिवनारायण पर 56 मरीज आए
शहर में मड़ैया शिवनारायण स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर हुए मेले का एसीएमओ डॉ. शिव चरण ने निरीक्षण किया। केंद्र पर डॉ. विकल दुबे और डॉ. रिचा चौधरी ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दीं। केंद्र पर 56 मरीज आए। बच्चों और महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
चकरनगर में तीन केंद्रों पर लगा स्वास्थ्य मेला
चकरनगर संवाद के अनुसार क्षेत्र के तीन पीएचसी पर मेला लगा। लगभग 150 रोगियों को इलाज मिला। सर्वाधिक मरीज चर्म रोग से संबंधित आए, जिसमें दाद, खाज, खुजली जैसी संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या सर्वाधिक रही।
भरथना में 118 मरीज आए
भरथना संवाद के अनुसार बहारपुर स्थित केंद्र पर मेले में डॉ. रवि कुमार आदि ने रोगियों की जांच-पड़ताल कर उन्हें दवाएं व सलाह दी। कोरोना, शुगर, मलेरिया आदि की जांच भी की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित दीक्षित ने बताया त्वचा, सांस, पेट दर्द, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज आए। आवश्यक होने पर जांच की गई। मेले में कुल 118 मरीज आए।
दो मरीज रेफर
इकदिल संवाद के अनुसार पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शिवेंद्र यादव ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दीं। मरीजों की मलेरिया व शुगर की जांच की गई। कोविड जांच के दौरान दो मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। गर्भवती व धात्री महिलाओं की जांच एएनएम और स्टाफ ने की। परिवार नियोजन के बारे में एएनएम ने जानकारी दी।
नहीं बने गोल्डन कार्ड
जसवंतनगर संवाद के अनुसार मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में गोल्डन कार्ड बनाने वाले कर्मियों के केंद्र पर नहीं पहुंचने पर लोगों को लौटना पड़ा। जसवंत नगर कस्बे में शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर 74 मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। सबसे ज्यादा 20 मरीज खाज, खुजली के आए। इसके अलावा मधुमेह, बुखार, हाईपरटेंशन तथा गर्भवती महिलाएं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराने आईं। वहीं, धनुआ के केंद्र में 65 मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। एसीएमओ डॉ. शिव चरण ने केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्र पर आयुष्मान मित्र के न आने से गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य नहीं हो सका।
बलरई में 75 मरीज आए
बलरई संवाद के अनुसार पीएचसी में 75 मरीजों ने परीक्षण कराने के बाद दवाइयां लीं। डॉ. विवेक गुप्ता के अनुसार केंद्र पर त्वचा रोगी ज्यादा आए। इसके अलावा बुखार, खांसी, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज से ग्रसित मरीज भी परीक्षण कराने आए। केंद्र पर आयुष्मान मित्र समेत कई अन्य कर्मचारी भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
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