इटावा। बसरेहर ब्लाक की ग्राम पंचायत परौली रामायन के नगला हरी गांव में पांच दिनों में हुई 35 गोवंशोें की मौत को बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश है। इसलिए वहां करीब 250 गोवंशों को दूसरी गोशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है।
मंगलवार को पालिका के वाहन से ग्राम पंचायत चौबिया व बहादुरपुर लोहिया की गोशाला में नगला हरी गांव की गोशाला से गोवंशों को भेजा गया।
जिले की सबसे बड़ी नगला हरी गांव में बनी गोशाला में 550 गोवंशों को रखने की क्षमता है। इस समय यहां की गोशाला में आठ सौ के करीब गोवंश हैं।
पिछले पांच दिनों में इस गोशाला में 35 गोवंशों की मौत हो गई। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव को वहां से हटा दिया गया। सीवीओ डॉ. विनीत कुमार पांडे ने गोशाला का निरीक्षण किया था।
प्रशासन की दावा है कि जो गोवंश मरे हैं, उनके अधिकांश बीमार और उम्र पूरी कर चुके थे। वहीं, ग्रामीणों का आरोप था कि गोवंशों को हरा चारा व दाना नहीं मिलता है। इससे वह कमजोर हो जाते हैं। इसके बाद बीमार होकर उनकी मौत हो जाती है।
इधर, पांच दिन में 35 गोवंशों की मौत के बाद परौली रमाइन गोशाला से 250 गोवंशों को चौबिया व बहादुरपुर लोहिया में बनी गोशालाओं में मंगलवार को भेजा गया।
पशु चिकित्सक डॉ. नरेश कुमार ने बताया अब इस गोशाला में 500 से 550 ही गोवंश रहेंगे। अन्य को जिले की छोटी-छोटी गोशालाओं में क्षमता के अनुसार शिफ्ट किया जाएगा।
साड़ ने कर्मचारी को घायल किया
बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बहादुरपुर लोहिया में बनी गोशाला में 130 गोवंश हैं। इनकी देखरेख करने के लिए चार कर्मचारी रखे गए हैं। फिर भी पांच गोवंश यहां बीमार पड़े हैं। कर्मचारी अरविंद कुमार व जमील खान ने बताया इटावा जिले की सबसे बड़ी परौली रमायन गौशाला से सात गोवंश आए हैं।
इसमें पांच की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर पहुंची डॉक्टर की टीम बीमार पड़े गोवंशों का इलाज किया। गोशाला के आसपास घूम रहे दो सांड़ों ने गोशाला की बाउंड्री के पाइप तोड़ दिए। इसके बाद दोनों अंदर आ गए। सांड़ ने कर्मचारी अरविंद को भी घायल कर दिया।