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खाद की किल्लत से दो-चार हो रहे अन्नदाता

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इटावा/जसवंतनगर। जिले में कृषि विभाग भले ही दावा करे कि डीएपी की कमी नहीं है। हकीकत यह है कि किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा है। सहकारी समितियों का हाल यह है कि कहीं पॉस मशीन खराब है तो कहीं सचिव साहब छुट्टी पर चले गए।
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अब किसान सिर पकड़कर समितियों के इर्द गिर्द घूम रहा है। कोई सही जानकारी देने वाला नहीं कि आखिर खाद कब आएगी। जसवंतनगर क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत बरकरार है। जितनी जरूरत है उतनी खाद केंद्रों पर नहीं आ पा रही है।
इस कारण किसान खाद विक्रय केंद्रों के चक्कर काट रहा है। किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड जसवंतनगर खाद बिक्री का भी एक केंद्र है। जहां इस सीजन में अब तक 130 मीट्रिक टन डीएपी आ चुकी है।
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समिति की सचिव प्रियंका यादव ने बताया कि जितनी डीएपी खाद आई है, वह समिति के सदस्यों के हिसाब से अपर्याप्त है। इस कारण सदस्य किसानों का भारी दबाव है। शुक्रवार को 500 बोरी डीएपी खाद आई है। उसका वितरण चल रहा है।
कृषक भारती कोऑपरेटिव सेवा केंद्र पर डीएपी खाद काफी दिनों से न आने के कारण किसान बहुत परेशान हैं, जो किसान किसी भी सहकारी समिति के सदस्य नहीं है, उनके लिए कृभको सेवा केंद्र ही एकमात्र उम्मीद है। जहां उन्हें डीएपी खाद उपलब्ध हो जाती थी।
किसानों का कहना रहा कि बाजार में भी डीएपी उपलब्ध नहीं है। बकेवर सहकारी समिति पर डीएपी खाद तीन सौ बोरी पहुंची, जबकि खाद लेने चार सौ किसान पहुंचेे। किसानों की भीड़ देखकर पुलिस बुलानी पड़ी।
पुलिस की मौजूदगी में खाद वितरित हुई। पुलिस ने बुजुर्ग किसानों को पहले खाद दिलवाई। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण कई किसानों को खाद नही मिल सकी।
डीएपी बांटने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
बकेवर। सोमवार को किसान खाद लेने किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर पर पहुंचे। 300 बोरी खाद तीन घंटे भी नहीं चल सकी। किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस को सूचना देकर खाद वितरण के लिए पुलिस को बुलवाया।
पुलिस की मौजूदगी में डीएपी खाद बांटी गई। इस समय सरसों आलू की बुवाई से किसान डीएपी लेने के लिए परेशान हैं। सोमवार को किसान सेवा सहकारी समिति पर किसानों की भारी भीड़ खाद लेने के लिए पहुंची।
समिति पर मात्र एक ट्रैक्टर 15 टन ही डीएपी भेजी गई थी। समिति पर खाद का स्टॉक समाप्त हो जाने के चलते तमाम किसानों को खाद नहीं मिल सकी। समिति के सचिव राजीव गोयल ने बताया कि और डीएपी खाद की डिमांड भेजी गई है।
कहीं सचिव छुट्टी पर तो कहीं पॉस मशीन खराब
बसरेहर। विकासखंड बसरेहर समितियों पर खाद के लिए चक्कर काट रहे किसान प्राइवेट दुकानों पर महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। ब्लॉक की किसान सेवा सहकारी समिति सिरसा में खाद न होने के कारण किसानों की फसल लेट हो रही है।
केंद्र प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन छुट्टी पर थे। चेक लगा दी गई है और खाद आने पर किसानों को वितरण की जाएगी। उधर, बसरेहर साधन सहकारी समिति पर दो दिन से पॉस मशीन खराब होने के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
सुबह से ही किसान खाद के इंतजार में आकर बैठ जाते हैं। शाम को खाद न मिलने से मायूस होकर घर वापस जाना पड़ता है। केंद्र प्रभारी संध्या यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि मशीन खराब होने के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
पॉस मशीन को जिले पर भेज दिया गया है। अगर वह सही नहीं होगी तो नई मशीन मंगा कर किसानों को खाद वितरण की जाएगी।
किसानों ने जलाई पराली
बसरेहर। शासन के आदेश के बावजूद भी कुछ किसान पराली अभी भी जला रहे हैं। सोमवार को चौबिया क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर नगला पाय गांव के सामने खेतों में पयार का ढेर दो खेतों में जला पड़ा देखा गया।
कुछ किसानों ने धान की फसल काटने के बाद एकत्रित पयार के ढेर में आग लगा दी। वही लाहौरीपुरा गांव के पास खेतों में पराली को जलाया गया। खेत में पराली के जलने से खेतों की उर्वरा शक्ति कम होती है।
पयार के जलने से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाता है। वहीं, बसरेहर थाना क्षेत्र के किल्ली सुल्तानपुर के पास किसानों ने सुबह करीब 11:00 बजे खेत में पराली जला दी।
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