इटावा। संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को देशव्यापी अभियान के तहत विश्वासघात दिवस मनाया। कलक्ट्रेट में वट वृक्ष के नीचे आयोजित सभा में संतोष शाक्य ने कहा कि केंद्र सरकार संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलनकारी किसानों के साथ किए समझौते का उल्लंघन कर रही है।
समझौते को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री ने कमेटी गठन करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कमेटी गठन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। इससे सरकार का किसान विरोधी रवैया उजागर होता है।
किसान नेता ने केंद्र सरकार से तत्काल एमएसपी की गारंटी, बिजली बिल 2020 की वापसी, शहीद किसानों को मुआवजा, आंदोलनकारी किसानों पर लगाए फर्जी मुकदमे वापस लेने, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को कड़ी सजा देने, अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी आदि मांगे तत्काल पूरी न की गईं तो संयुक्त मोर्चा छह अप्रैल से 17 अप्रैल तक देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाकर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संजीव किसान ने ऐलान किया कि यदि संयुक्त मोर्चा की मांगें शीघ्र न मानी गईं तो मोर्चा दोबारा आंदोलन पर मजबूर होगा। किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमर सिंह शाक्य, विश्राम सिंह यादव, प्रेम शंकर यादव, ओपी सिंह, सुरेंद्र सिंह, जनवेद सिंह, प्रमोद कुमार, गिर देव सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।
सुरेश चंद एवं हृदेश कुमार ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य एवं भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजीव किसान के नेतृत्व में छह सूत्री मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद को सौंपा। उधर, तहसील ताखा में नाथूराम यादव, विश्राम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों के साथ एवं भरथना तहसील में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।