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गोवंशों की मौत के बाद डॉक्टर टीम के साथ पहुंचे गोशाला

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इटावा। लाख दावों के बावजूद जिले की गोशालाओं में बदइंतजामी हावी है। संसाधनों की बात तो दूर गोशाला में मवेशियों के लिए खाने तक का संकट है। नतीजतन हर दिन किसी न किसी गोशाला में गोवंश भूख और बीमारी से मर रहे हैं।
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मंगलवार को सहसों की गोशाला में दो गोवंश की मौत के दूसरे दिन बुधवार को जिले की सबसे बड़ी बसरेहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परौली रामायन के नगला हरी गांव में गोवाशा में तीन गोवंशों की मौत हो गई। तीन गोवंश बीमार हैं। एक गोवंश की हालत गंभीर है।
118 बीघा जमीन में बनी गोशाला में 1000 से अधिक गोवंश है। बुधवार को तीन गोवंशों की मौत हो गई। शव परिसर में ही पड़े थे। कुत्ते व कौआ शवों को नोंच कर खा रहे थे। कर्मचारी एक स्थान पर बैठकर गपशप करते नजर आए। एक शख्स ने ग्राम पंचायत अधिकारी व पशु अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश चंद्र को गोवंशों की मौत होने की जानकारी दी।
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डॉ. नरेश चंद्र टीम के साथ पहुंचे और गोवंशों के शवों को पोस्टमार्टम किया। डॉ. नरेश के मुताबिक गोवंशों की बीमारी से मौत हुई है। अभी भी तीन गोवंश बीमार हैं, जो खड़े हो पाने में भी असमर्थ हैं।
उन्होंने बताया कि गोवंशों को हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। सूखा भूसा खाने से गोवंश कमजोर होकर बीमार हो रहे हैं। इधर, कुछ कर्मचारियों ने बताया कि गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में भूसा भी नहीं मिल पा रहा है। गोवंशों की मौत की एक वजह यह भी है। कर्मचारी मनोज ने बताया कि भूसा गोदाम भी खाली पड़ा है।
गोशाला के कर्मचारी संजू, मनोज, राजेंद्र, अशोक, शिवम ने बताया कि पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। रक्षाबंधन सिर पर है। बताया कि गोशाला में 14 कर्मचारियों की ड्यूटी गोवंशों की देखरेख में लगी है। सात कर्मचारी दिन व सात कर्मचारी रात की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। बुधवार सुबह 10 बजे तक रात शिफ्ट के कर्मचारी ही ड्यूटी पर मुस्तैद थे। सुबह पाली वाले कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। इन कर्मचारियों में कुछ ने वेतन न मिलने से काम करने से इनकार कर दिया है।
इतनी बड़ी गोशाला की देखरेख कर पाने में असमर्थ हूं। अभी नया प्रधान बना हूं। समझ में नहीं आ रहा है कि गोशाला में व्यवस्थाएं कैसे सुचारु की जाएं। पिंटू चौहान, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत परौली रमाइन
गोशाला में बुधवार को तीन गोवंशों की बीमारी से मौत हुई है। तीन गोवंश बीमार है। चिकित्साधिकारी समेत आठ डॉक्टरों की टीम गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच करती है। टीम प्रतिदिन गोशाला जाती है। गोशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा है। दुर्विजय सिंह, सचिव ग्राम पंचायत परौली रमाइन
चकरनगर। सहसों क्षेत्र की गोशाला में मंगलवार को दो गोवंशों की मौत के बाद बुधवार को राजपुर हनुमंतपुरा के पशु चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल संखवार टीम के साथ गोशाला पहुंचे। गोवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गोशालाओं में गोवंशों को मात्र सूखा भूसा ही मिल रहा है। हरा चारा व दाना नहीं मिल पा रहा है। इससे गोवंशों में दुर्बलता आ रही है और बीमारी से उनकी मौत हो रही है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में गोवंशों में संक्रामक बीमारियां फैल रहीं हैं।
ब्लॉक क्षेत्र की सहसों में 70, नौगांव में 35 अनेठा में 106 गोवंश हैं। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोवंशों के लिए हरा चारा व दाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। गोवंशों को खुले में चराने के लिए अधिकारियों को सुझाव भी दिया गया है।
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