सैफई। तहसील क्षेत्र के ग्राम विरौली बेदपुरा में बृहस्पतिवार को पति की मौत के महज पांच मिनट बाद पत्नी भी चल बसी। बुजुर्ग दंपती का दांपत्य जीवन का सफर लगभग 70 साल पहले शुरू हुआ था और एक साथ खत्म भी हुआ।
परिजनों ने दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया। बैंडबाजे के साथ दोनों को चिता तक ले जाया गया। हजारों की संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण भी पहुंचे। इटावा के वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव विरौली निवासी लगभग 100 वर्षीय सेवाराम की बुधवार शाम साढ़े पांच बजे मौत हो गई थी।
जब उनकी मौत की सूचना उनकी पत्नी 90 वर्षीय रामवती को मिली तो लगभग पांच मिनट बाद ही उनका भी देहावसान हो गया। रामवती लगभग 70 वर्ष पहले नगला जुआ जनपद औरैया से ब्याहकर विरौली वैदपुरा में आई थीं।
वृद्ध दंपती में एक दूसरे के प्रति असीम लगाव था। शादी के बाद से अब तक कभी किसी पड़ोसी ने दोनों को झगड़ते नहीं देखा। लोगों ने बताया कि पारिवारिक जिम्मेदारियों से निवृत्त होने के बाद दोनों किसी भागवत अथवा अन्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमेशा साथ ही जाते थे।
परिवार में इस वृद्ध दंपती के पांच पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बड़े पुत्र की तीन वर्ष पहले बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई थी। दंपती की एक साथ हुई मौत पर लोग इसे एक संयोग मानकर चल रहे हैं।
बृहस्पतिवार को शाम चार बजे बैंडबाजों के साथ दंपती को अंतिम विदाई दी गई। माता-पिता को मुखाग्नि छोटे पुत्र राजवीर ने दी। पूर्व प्रधान कृपाराम कश्यप ने बताया कि सेवाराम हमारे गांव के बड़े बुजुर्ग थे और बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे।
बताया कि सेवाराम ने शुरुआत में काफी मेहनत की। दूध के व्यवसाय से उन्होंने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया। इसमें उनकी पत्नी रामवती ने भी हमेशा साथ दिया।