इटावा में आइस कैंडी में अपमिश्रण (मिलावट) के एक मामले में कोर्ट ने दो दशक बाद फैक्टरी मालिक को एक साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक अभियोजन अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य विभाग के औरैया व इटावा के सचल दल के खाद्य निरीक्षक मनोज कुमार कुंवर ने 18 जून 2001 को सरसई नावर स्थित आइसकैंडी फैक्टरी में छापेमारी की थी।
इस दौरान आईस कैंडी में इस्तेमाल होने वाले घोल का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया। जांच में पाया गया कि आइस कैंडी में चीनी तय मात्रा से 10 फीसदी कम मिली।
31 जुलाई 2021 को जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य निरीक्षक ने फैक्टरी मालिक ऊसराहार थाना क्षेत्र के सरसई नावर निवासी सुरेश चंद्र के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। अभियुक्त ने कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई। मामले में अमर मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-एक नूहिन जैदी ने अभियुक्त व सरकारी वकील की दलीलों के सुना। न्यायाधीश ने मामले में सुरेश चंद्र को अपमिश्रण का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।