बकेवर। सहकारी समिति बकेवर पर सोमवार को भेजी गई तीन सौ बोरी डीएपी मंगलवार को मात्र दो घंटे में ही बंट गई। केंद्र से कई किसानों को खाद न मिलने के कारण खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
गेहूं की बुआई शुरू हो गई है। धान की फसल की कटाई के बाद किसानों ने रबी की फसल गेहूं की बुआई करना शुरू कर दिया हैं। गेहूं की बुआई का सबसे उचित समय 15 नवंबर से माना जाता है।
गेहूं की बुआई के लिए किसानों को डीएपी की जरूरत पड़ रही, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों को सरकारी समितियों में डीएपी खाद लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर पर तीन सौ बोरी डीएपी भेजी गई थी। मंगलवार को समिति के सचिव ने खाद का वितरण किया। खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच गए थे।
किसानों की खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रहीं। तीन सौ बोरी खाद मात्र दो घंटे में ही वितरित हो गई। 50 से ज्यादा किसानों को खाली हाथ समिति से लौटना पड़ा। सहकारी समिति के सचिव राजीव गोयल ने बताया कि तीन सौ बोरी डीएपी आई थी।
पहले आप आओ, पहले पाओ के आधार पर खाद को पॉस मशीन की मदद से वितरित किया गया। खाद समाप्त होने के कारण कुछ किसानों को खाद नहीं मिल सकी। खाद की डिमांड लगी हुई है।
एक-दो दिन में और डीएपी आ जाएगी। वहीं, कई किसानों ने बताया कि वह सुबह से लाइन में खाद लेने के लिए लगे रहे। कर्मचारी मनमाने तरीके से अपने चहेतों को खाद दिला देते हैं।
किसानों ने भाजपा के खिलाफ की नारेबाजी
जसवंतनगर। क्षेत्र के बलरई स्थित किसान सेवा सहकारी केंद्र पर खाद लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे। यहां बने दो अन्य केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध न होने से काफी भीड़ रही।
ऑफिस के में बैठकर एक भाजपा नेता के खाद वितरण कराने से नाराज किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। खाद न मिलने पर दो किसानों ने रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की धमकी भी दी।
किसानों का गुस्सा देख कुछ किसानों ने खाद वितरण में चल रही गड़बड़ी की शिकायत कृषि रक्षा अधिकारी व थाना पुलिस से की। उसके बाद जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह व पुलिस मौके पर पहुंची। अफसरों ने लाइन लगवाकर किसानों को खाद का वितरण कराया।