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Etah: हादसे में चोट आने से परेशान युवक फंदे से झूला, ननिहाल में रहता था; घर में मची चीख पुकार

Wed, 22 Nov 2023 04:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा में हादसे में चोट आने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक ननिहाल में रहता था। इससे घर में चीख पुकार मच गई। 
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Etah: हादसे में चोट आने से परेशान युवक फंदे से झूला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के एटा में ननिहाल में रह रहे युवक ने मंगलवार की रात हादसा में चोटें आने से परेशान होने के चलते फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार की सुबह जब मामा चाय देने गया तो कमरा का दरवाजा बंद था। इसके बाद किसी तरह से खिड़की से झांक कर देखा गया तो फंदा पर लटका पाया। तब पुलिस को खबर दी गई। घटना मलावन थाना क्षेत्र के उमरायपुर गांव की है।

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जिला मैनपुरी थाना बिछवां क्षेत्र के गांव तेजपुर निवासी पूरन सिंह (44) ने कमरे में पंखा के लिए लगाए गए कुंडा में रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी की है। भाजा भूप सिंह निवासी उमरायपुर ने बताया कि 17 नवंबर की सुबह किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से पूरन सिंह घायल हो गए थे। तब पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में सुबह करीब 10 बजे भर्ती कराया था। 

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यहां से स्वास्थ्य लाभ मिलने पर घर ले गए थे। मेडिकल कॉलेज की ही दवाएं चल रही थी। बताया कि सिर में चोटें आने से तनाव में रहते थे किसी से कुछ कहते भी नहीं थे। बुधवार की सुबह करीब 7.00 बजे छोटा भाई अजीत चाय लेकर गया था, तब कमरे अंदर से बंद मिला, जबकि अन्य दिनों में सुबह ही कमरा खो दिया जाता था। 

दरवाजा बंद होने पर आवाज लगाई तो कोई हरकत अंदर से नहीं हुई, तब खिड़की से झांक कर देखा गया तो रस्सी के फंदा पर लटके पाए गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है।

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10 साल की उम्र में ही आ गया था बहन के घर

भांजे भूप सिंह ने बताया कि पूरन सिंह 10 साल की उम्र से ही अपनी बहन रेशमा देवी के घर आ गया था। हमारे घर पर ही आगे का पालन पोषण हुआ। इसके बाद जब समझादार हो गए तो दिल्ली में ही मजदूरी करने लगे। वहां से जब भी आते थे तो हमारे ही गांव में आकर रुकते थे।

नागपुर की महिला से की थी शादी

पूरन सिंह करीब 15 साल पहले महाराष्ट्र स्थित नागपुर में मजदूरी करने के लिए गया था, यहां एक महिला से नजदीकियां बढ़ी तो उससे शादी की थी। जो एक वर्ष बाद ही साथ छोड़कर चली गई। तब से अकेले ही रहकर जिंदगी गुजार रहे थे, खुद को केंसर होना भी बताते थे।
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