एटा। हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द के मरीजों को अब फिजियोथेरेपी कराने के लिए निजी क्लीनिकों में नहीं जाना पड़ेगा। क्योंकि अब कॉलेज में मशीनें आ गईं है। उनका स्थापित होना बाकी रह गया है। इसके बाद अस्थि रोग विभाग में मरीजों को फिजियोथेरेपी की सुविधा के साथ दर्द से राहत मिलने लगेगी।
सर्दी बढ़ी तो लोगाें के जोड़ों, हड्डी व मांसपेशियों में दर्द शुरू हो गया। इसके अलावा कई मरीज ऐसे भी अस्थि रोग विभाग में पहुंचने लगे जिनके पुरानी चोट लगी हुई थी। चिकित्सक उन्हें देखने के बाद फिजियोथेरेपिस्ट के पास भेज देते हैं।
यहां अभी तक दवाओं से ही काम चलाया जा रहा है। कई मरीज निजी क्लीनिकों पर फिजियोथेरेपी कराने के लिए पहुंच जाते हैं। ऐसे में उनसे मनमाना शुल्क भी वसूल किया जाता है।
लेकिन अब मरीजों को फिजियोथेरेपी कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्योंकि कॉलेज में अब इसके लिए मशीनें आ गईं हैं। मशीनों को एक कक्ष में रखवा दिया गया है। बस उनका इंस्टाल होना बाकी रह गया है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि मशीनें आ गईं हैं। जल्द ही उनको इंस्टाल कराया जाएगा। मरीजों को इसकी सुविधा दी जाएगी।