एटा/जैथरा। शाम की कमाई शराब के प्यालों में उड़ जाने और घर की चौखट पर हर रोज रोती-बिलखती उम्मीदों से तंग आ चुकी महिलाओं का सब्र आखिरकार बृहस्पतिवार को जवाब दे ही गया। एटा के जैथरा में चूल्हे-चौके की फिक्र और परिवार को बिखरने से बचाने के लिए जब इन महिलाओं का गुस्सा फूटा, तो लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने शराब की दुकानों के ताले तोड़ डाले। पेटियां सड़क पर बिखर गईं और घरों के सूनेपन का दर्द आंसुओं और हंगामे के सैलाब के रूप में सड़कों पर उमड़ पड़ा।
जैथरा-कुरावली रोड पर गांव लालपुर जहांगीराबाद के पास रोड पर मार्केट है। इसमें देसी और अंग्रेजी शराब की दो दुकानें पास-पास हैं। बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष ठेके की तरफ बढ़ती हुई आईं। यह देखकर वहां मौजूद सेल्समैन ताला लगाकर मार्केट के कमरे में छिप गए। देसी शराब के ठेके पर सेल्समैन नरेंद्र ने बताया कि भीड़ बेहद उग्र थी। उनके हाथ में लाठी, डंडे, सरिया आदि लगे थे। जान बचाने के लिए वह कमरे में जा छिपे। महिलाओं ने शराब की दोनों दुकानों का ताला तोड़ दिया और इसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। शराब की पेटियां दुकान से निकालकर रोड पर फेंकने लगीं। हंगामा देख वहां भीड़ जमा हो गई।
महिलाओं का कहना था कि उनके पति मेहनत मजदूरी के लिए जाते हैं। शाम तक 400-500 रुपये कमाते हैं। इन्हें शराब पर खर्च कर देते हैं। इसके बाद घर आकर झगड़ा करते हैं। हर घर में रोजाना क्लेश होती है। इसलिए ठेके को यहां से शिफ्ट किया जाए। इसके साथ ही गांव के कम उम्र के लड़कों को भी शराब की लत लगती जा रही है। आरोप है कि महिलाओं ने गल्ले में रखा कैश भी लूट लिया। दोनों दुकानों को मिलाकर पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान सेल्समैन ने बताया है। इस संबंध में देसी शराब के ठेके के अनुज्ञापी अवनीश कुमार ने जैथरा थाने में तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 18 नामजद समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
तहरीर के आधार पर 18 नामजद और 20-30 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार हंगामा करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, सीओ अलीगंज