एटा महोत्सव प्रदर्शनी पंडाल में प्रस्तुति देते गजल गायक कुमार सत्यम। संवाद
एटा। एटा महोत्सव प्रदर्शनी के पंडाल में शनिवार की रात गजल गायक कुमार सत्यम की मधुर आवाज ने जादू बिखेरा। हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह... गाकर ऐसा रंग जमाया कि पूरा पंडाल सुरों की महफिल में तब्दील हो गया। श्रोता एक-एक गजल पर तालियां, सीटी और वाह-वाह की आवाज से अपना उत्साह जताते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही कुमार सत्यम ने अपनी लोकप्रिय गजलों से माहौल को ऐसा सराबोर किया कि दर्शक पहली ही प्रस्तुति में मंत्रमुग्ध हो उठे। उन्होंने गमों बरसात हो रही है, याद याद बस याद रह जाती है, बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम, वादा करके न आने से क्या फायदा, बेवफा यूं तेरा मुस्कुराना, सांसों की माला गायिकी से गूंजने लगीं। पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट छाई रही। कई दर्शक मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार की सुरों भरी महफिल में खुद को शामिल करते दिखाई दिए।
श्रोता अंकिता का कहना था कि कुमार सत्यम की आवाज पुराने दौर की नजाकत व आज के संगीत की मिठास का बेहतरीन संगम है। गुंजन ने कहा कि उनकी दर्दभरी, रूहानी प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। हर गजल पर लोग वाह वाह कहते नहीं थक रहे थे। एक-एक गीत पर उनकी मांग बढ़ती गई वह भी श्रोताओं की फरमाइश पूरी करते रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कुमार सत्यम की प्रस्तुति ने एटा महोत्सव की शाम को विशेष बना दिया।
एटा महोत्सव प्रदर्शनी पंडाल में प्रस्तुति देते गजल गायक कुमार सत्यम। संवाद