एटा। कोतवाली देहात क्षेत्र से जुड़े करीब आठ साल पुराने हत्याकांड के मुकदमे में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुधा ने फैसला सुनाया। दो लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है।
गांव बिजौरी निवासी यवेंद्र सिंह ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार गांव के जितेंद्र उर्फ भूरा, उसका भाई अजय सिंह उर्फ टोपा, धर्मेंद्र सिंह उर्फ मूला उससे पुरानी रंजिश मानते हैं। 10 मई 2017 की शाम को उसके पुत्र अवनेश कुमार (22) को पकड़कर अपने साथ ले गए। 11 मई को सुबह 6.50 बजे थाने पर पहुंचकर यवेंद्र ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई। उसी दिन सूचना मिली कि गांव बिजौरी के खेतों से होते हुए एक कार, ट्रैक्टर पर सवार होकर कुछ लोग बोरी में भरकर कुछ ले जा रहे हैं। इनको पुलिस ने घेरकर पकड़ा। कार की पिछली सीट पर प्लास्टिक की बोरी में सिर व पैर विहीन मानव धड़ बरामद हुआ। धड़ के दोनों हाथ पीछे रस्सी से बंधे हुए थे।
पुलिस ने कार में बैठे जितेंद्र से पूछताछ की तो बताया कि अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए कुल्हाड़ी से काटकर अवनेश की हत्या की है। इसमें जितेंद्र, अजय, धर्मेंद्र सहित अनिल और मनोज शामिल हैं। उसका सिर व पैर ट्रैक्टर में बैठे अनिल व मनोज के कब्जे में है। पुलिस ने उन लोगों को भी पकड़ लिया। ये लोग लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगाने ले जा रहे थे। मनोज के नाबालिग होने पर उसका मामला अलग कर दिया गया। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अजय और धर्मेंद्र को दोषमुक्त घोषित किया। जबकि जितेंद्र और अनिल कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को 1.50 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया।