एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बुधवार सुबह 11 बजे सड़क हादसे में घायल युवक को लेकर परिजन पहुंचे। गंभीर हालत होने पर चिकित्सकों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। परिजन ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस के आने के बाद चालक ने घायल युवक को ले जाने से मना कर दिया। बताया कि उसकी वीआईपी ड्यूटी लगा दी गई है। आधे घंटे तक युवक तड़पता रहा। दूसरी एंबुलेंस आने पर उसे आगरा भेजा गया।
बुधवार को सुबह 11 बजे इमरजेंसी में रिंकी निवासी गांव बोर्राकलां ने बताया कि भाई टिंकू वाराणसी में मंगलवार की शाम एक बाइक की चपेट में आकर घायल हो गया। वहां से प्राइवेट एंबुलेंस से घर ले आए। बुधवार सुबह के वक्त मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। स्थिति गंभीर होने की वजह से चिकित्सकों ने उसे आगरा के लिए रेफर कर दिया। 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस को बुलाया।
रिंकू ने बताया कि कुछ देर बाद एंबुलेंस तो आई लेकिन चालक ने गाड़ी की वीआईपी ड्यूटी में लगने का हवाला देकर मरीज ले जाने से मना कर दिया। इस दौरान परिजन और एंबुलेंस चालक में बहस भी हुई। इसके बावजूद चालक नहीं माना और गाड़ी लेकर चला गया। आधे घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस भेजे जाने पर घायल को आगरा के लिए रवाना किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले कांवड़ यात्रा के दौरान शिकोहाबाद रोड पर एक कांवड़िया घायल हो गया था। वहां से निकली 108 एंबुलेंस के चालक ने कांवड़िये को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी तक नहीं पहुंचाया था।
108 एंबुलेंस की ड्यूटी वीआईपी में लगा दी गई थी जिसकी वजह से उसे खाली कराया गया। उसकी जगह दूसरी एंबुलेंस को लोकेशन पर भेजा गया था। - अर्जुन त्यागी, प्रोग्राम मैनेजर एंबुलेंस