एटा। बच्चों और किशोरों में तीसरी लहर का असर पता करने के लिए शुक्रवार से फोकस सैंपलिंग अभियान शुरू हो गया। इसमें 5 से 18 साल तक के बच्चे और किशोरों के सैंपल लेकर कोरोना जांच कराई जाएगी। अभियान दस दिन तक लगातार चलेगा। जिसमें 2200 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
तीसरी लहर से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न स्तर पर तैयारी चल रही है। इसी के अंतर्गत शुक्रवार से घनी आबादी सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सैंपलिंग का अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 25 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इसमें खासतौर से 5 से 18 साल तक की उम्र के बच्चों और युवाओं के सैंपल लिए जाएंगे। 1200 सैंपल आरटीपीसीआर के होंगे। जबकि एक हजार सैंपल की जांच एंटीजन किट द्वारा की जाएगी।
आठ टीमें कर रहीं कार्य
जिले में फोकस सैंपलिंग अभियान के तहत आठ टीमों को लगाया गया है, जो जिलेभर में 5 से 18 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों के सैंपल लेंगी। वहीं 15 टीमें अलग से सैंपलिंग का कार्य कर रही हैं।