एटा। मेडिकल कॉलेज में बारिश-उमस की वजह से त्वचा के रोगियों की भरमार चल रही है। दाद, खाज खुजली और फंगल रोगियों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को 800 मरीजों ने आकर उपचार लिया।
मेडिकल कॉलेज में सुबह 8 बजे से पर्चे बनना शुरू हुए। इससे पहले ही मरीज व तीमारदार लाइन में लगना शुरू हो गए थे। मेडिकल कॉलेज के त्वचा विभाग में मरीज पर्चे बनवाकर चिकित्सक के पास उपचार के लिए पहुंचने लगे थे। करीब एक घंटे के अंदर यहां पर 50 से अधिक मरीजों की लंबी कतार लग चुकी थी। मरीज त्वचा संबंधी उपचार लेने के लिए लाइन में दो घंटे तक इंतजार करते रहे।
डॉ. दिलीप ने बताया कि बारिश की वजह से ज्यादातर लोग फंगल, लाल चकत्ते, खाज, दाद व खुजली से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इन्हें उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुष्ठ रोगी भी उपचार के लिए आ रहे हैं। इनका अलग से नाम दर्ज कर कुष्ठ रोग का कोर्स शुरू कराया जा रहा है। शुक्रवार को त्वचा विभाग में कुल 800 मरीजों को उपचार दिया गया। इससे पहले 700 मरीज उपचार ले रहे थे। लेकिन अब इनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
जिले में कई जगहों पर त्वचा संबंधी चिकित्सालय संचालित है। जहां पर मरीजों को महंगी फीस चुकानी पड़ती है। इससे बचने के लिए त्वचा रोगी अब मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे हैं। यहां पर भीड़ अधिक होने का यह एक प्रमुख कारण हैं। यहां पर रोगियों को बेहतर उपचार के साथ दवा भी निशुल्क वितरण की जा रही हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- बारिश में भीगने से बचें।
- गंदे पानी से निकलने के बाद हाथ-पैरों को साफ पानी से अच्छे से धोएं।
- गीले कपड़े पहनने से बचें।
- सूती व ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।