एटा। फर्जीवाड़े के एक मामले में अवागढ़ थाने के एक विवेचक ने वादी के बयान नहीं लिए। अपने मन से विवेचना में बयान दर्ज कर लिए। इस तरह के आरोप लगाकर वादी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर विवेचक को हाईकोर्ट में तलब किया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता राकेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने फर्जी नियुक्ति की एक रिपोर्ट 2023 में थाना अवागढ़ में दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना निरीक्षक अनुज कुमार शर्मा को सौंपी गई थी, लेकिन वह मेरा बयान लेने ही नहीं आए। थाने पर बैठकर अपने मन से उन्होंने प्रश्न-उत्तर लिख दिए। पता लगने पर विवेचक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए सीजेएम कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की, लेकिन निर्णय मेरे पक्ष में नहीं आया।
इसके बाद मैंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिवीजन दायर किया। वहां से इस मामले में विवेचना अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। 20 जनवरी को इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख लगाई गई है।