एटा। कोविड संक्रमण काल के दौरान सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद करने का आदेश शासन ने जारी किया। जबकि जिला अस्पताल प्रशासन ने मनमाने ढंग से सर्जरी भी बंद कर दी। मई में तो यहां एक भी ऑपरेशन नहीं किया गया है।
पूरे जिले में कुल पांच सर्जन चिकित्सक उपलब्ध हैं। इनमें से जिला अस्पताल में दो नेत्र सर्जन, दो अस्थि सर्जन, एक सामान्य सर्जन, जिला महिला अस्पताल में तीन सर्जन चिकित्सक तैनात हैं। सामान्य तौर पर हर महीने 50-60 लोगों की सर्जरी हो जाती हैं, लेकिन अप्रैल में कोरोना संक्रमण की वजह से कमी आई और इन सभी ने विभिन्न प्रकार की 38 सर्जरी कीं। जबकि मई में तो सर्जरी का खाता ही नहीं खुला है। जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में अधिकांश समय ताला लटका रहता है। खुलता भी है तो मरहम पट्टी का काम ही किया जाता है।
कोरोना काल का असर जिला अस्पताल ही नहीं, महिला जिला अस्पताल पर भी पड़ा है। यहां इस महीने कोई सीजेरियन प्रसव नहीं कराया गया है। पिछले महीने इस तरह के छह प्रसव कराए गए थे। इस बार यहां 32 माइनर सर्जरी की गई हैं।