शीतलपुर में बन रहा ओवरहैड टैंक।
- फोटो : शीतलपुर में बन रहा ओवरहैड टैंक।
एटा। ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना में तय समय से काफी पीछे चल रही है। योजना के तहत वर्ष 2021 से 2028 तक 488 पेयजल परियोजनाएं पूरी की जानी हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 35 ही पूर्ण हो सकी हैं। धीमी प्रगति से जहां दो लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को अब भी नल से जल का इंतजार है, वहीं विभाग के सामने अब अगले तीन वर्षों में 453 योजनाएं पूरी करने की चुनौती है।
योजना के तहत, जिले में कुल 488 परियोजनाओं से 767 गांवों के करीब 2.31 लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। अब तक महज 12,500 घरों को नल कनेक्शन मिल पाए हैं, जिससे केवल 50 गांवों को ही लाभ मिला है। जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक और सौर ऊर्जा चालित नलकूप तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए कुल 1216.8 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है।
काम की रफ्तार बनी चिंता का कारण
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हर साल 70 योजनाएं पूरी होनी चाहिए थीं, लेकिन अब तक औसतन हर साल सिर्फ नौ योजनाएं ही धरातल पर उतर सकीं। अवर अभियंता विवेक ने बताया कि सभी योजनाएं तकनीकी रूप से तैयार की जा रही हैं, लेकिन कार्य की रफ्तार अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।