एटा। सराफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता सराफ की आत्महत्या के मामले में एक ओर मोड़ आ गया है। मृतक के पुत्र प्रदीप गुप्ता ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों में फर्रुखाबाद के एक पुलिस उपनिरीक्षक का भी नाम जोड़ दिया है।
वीरेंद्र गुप्ता ने 29 मई को अपने घर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुत्र प्रदीप गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि भाई अतुल गुप्ता का प्रेम विवाह प्रियंका पुत्री नवीन गुप्ता निवासी चिलौनी पठान कस्बा व थाना कायमगंज जिला फर्रुखाबाद के साथ 2012 में हुआ था। प्रियंका का भाई अमर गुप्ता और पिता नवीन गुप्ता इस शादी से नाराज थे। इसी के चलते 20 अक्तूबर 2014 को अतुल की हत्या गोलियां मारकर करा दी गई।
इसके बाद प्रियंका 50 लाख रुपये नकद और डेढ़ किलो सोना लेकर मायके चली गई थी। बाद में और एक करोड़ रुपये के लिए दबाव बनाने लगी। नहीं देने पर थाना मऊ जिला फर्रुखाबाद में वीरेंद्र गुप्ता और मेरे खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा नवीन गुप्ता ने दर्ज करा दिया। विवेचक जितेंद्र कुमार पटेल को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज आदि साक्ष्य दिए। आरोप है कि विवेचक ने एफआर लगाने के लिए दो लाख रुपये मांगे। एक लाख दे दिए, लेकिन विवेचक ने चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। रुपये मांगने पर अन्य मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।