जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर बसाें का संचालन पांचवें दिन भी बंद रहा। लोगों को खासी परेशानी हुई। ट्रक टेंपो, ट्रैक्टरों में यात्रा करने को लोग मजबूर हो रहे हैं। पटना पक्षी विहार में भी पर्यटकों की संख्या नदारद दिख रही है।
जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग की जर्जर दशा के संबंध में एक वर्ष पूर्व जनपद के प्रभारी अधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिन अनिल कुमार ने सड़क की जर्जर हालत और मौजूद गड्ढाें का निरीक्षण किया था। उस समय जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक मेें लोक निर्माण विभाग और उक्त मार्ग को बनाने वाली कार्यदायी संस्था आरईएस को आदेश देकर ठेकेदार की जमानत राशि जब्त कराई थी, लेकिन आदेश ताक पर रख दिए गए।
जर्जर सड़क के कारण वाहन चालकों को नुकसान हो रहा है। मजबूर होकर बस ऑपरेटर्स यूनियन द्वारा पिछले पांच दिनों से उक्त मार्ग पर चक्का जाम कर दिया है। इसके कारण उक्त मार्ग पर आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही है। बस आपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष खेमेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा उक्त मार्ग पर मौजूद गड्ढों में मिट्टी भरवाई जा रही है। मिट्टी तो दो दिन में खत्म हो जाएगी। यदि शासन और प्रशासन के पास धनराशि नहीं है तो मार्ग पर मौजूद गड्ढों को खत्म कराने के लिए सड़क को जेसीबी से खोदवा दें।
खोदी सड़क पर मात्र टायरों को ही नुकसान झेलना पडे़गा। अन्य मशीनरी में नुकसान से तो बचा जा सकेगा। बस यूनियन द्वारा लगाये चक्का जाम को अब व्यापार मंडल के साथ साथ ग्रामीणों एवं ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है। बुधवार तक सड़क कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो मजबूरी में पुन: रास्ता जाम एवं अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।