मारहरा। नगर पालिका परिषद में चल रहे स्वनिधि दीपोत्सव मेले में शुक्रवार रात कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन चेयरमैन परवेज जुबैरी की अध्यक्षता में किया गया।
राकेश शम्श की रचना खुशहाल जिंदगी के लिए घर तलाश कर जीने की आरजू है पर जमकर तालियां बजीं। डॉ. आलम चौधरी ने सारी बस्ती में चिराग जलने लगे, सुना है सबने कि प्यारे नवी की आमद है सुनाकर समा बांधा। राजेश जैन ने कहा कभी कपडे़ बदलता है कभी कभी सूरत बदलता है। सतेंद्र निर्झर ने थोड़ी सी तुम पढ़ो थोड़ी सी हम पढ़ें, फरीद ने अपने इश्क़ की दास्तान लिख रहा हूं सुनाकर तालियां बटोरीं। राजेश जैन, अनवर सीवानी, सुरेश, रहबर मरेहरवी ने काव्य पाठ किया। संचालन डॉ. पीएस आलम ने किया। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह, मेवाराम, दयाराम, सतीश चंद्र, हसनैन चौधरी, यूनिस सिद्दकी आदि मौजूद रहे।