पुजारी हत्याकांड में मौके पर जांच करते एसएसपी उदय शंकर सिंह - फाइल फोटो। संवाद
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एटा। साल भर हत्याओं का सिलसिला चलता रहा। 42 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इसमें कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला जगरूप में कुल्हाड़ी के प्रहार से पुजारी की हत्या काफी चर्चित रही थी। हत्याओं के सिलसिले के बीच यह जरूर राहत की बात कही जा सकती है कि इसमें पिछले साल 2020 की अपेक्षा कमी आई। 2020 में कुल 53 लोगों की हत्या की गई थी।
इस बार हत्या के मामले में अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में एटा सबसे पीछे रहा है। जबकि पड़ोसी जनपद कासगंज में ही 71 हत्या इस साल हुई हैं। एटा की बात करें तो कोतवाली देहात क्षेत्र हत्याओं का गढ़ बना। यहां सबसे ज्यादा सात लोगों की जान ली गई। जबकि अवागढ़, जैथरा और मलावन में चार-चार लोगों की हत्या हुई। सबसे शांत थाने अलीगंज, नयागांव, सकीट रहे। जहां कोई भी हत्या का मामला नहीं हुआ।
पुलिस की तत्परता ने नहीं बिगड़ने दिया सांप्रदायिक माहौल
आठ अक्तूबर की रात कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला जगरूप में मंदिर की छत पर सो रहे 52 वर्षीय पुजारी कृपाल सिंह की हत्या गांव के ही रज्जाक ने वीभत्व रूप से कर दी। कुल्हाड़ी से गर्दन और चेहरे पर कई प्रहार किए गए थे। इससे क्षेत्रीय लोग और हिंदूवादी संगठनों में रोष की स्थिति थी। पुलिस ने उसी दिन हत्यारोपी को पकड़कर जेल भेज दिया। पूछताछ में पुरानी रंजिश की बात सामने