जेल के गेट पर राखी व सामान लेकर पहुंचीं महिलाएं। संवाद
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एटा। रक्षाबंधन पर्व पर कारागार पहुंच 100 से अधिक बहनों ने बंदी भाइयों को राखी बांधीं। इस दौरान कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन का पालन कराया गया। जिला कारागार में रविवार सुबह करीब आठ बजे से बहनों का बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रवेश देने से पहले महिलाओं की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट देखी जा रही थी। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए टेबिलों की व्यवस्था की गई। एक ओर बहन और दूसरी ओर बंदी भाइयों को खड़ा किया गया। इस दौरान राखियों को सैनिटाइज भी किया गया। बिना मॉस्क प्रवेश नहीं दिया गया। ऐसे में कई महिलाओं-युवतियों को मॉस्क के लिए भाग-दौड़ भी करनी पड़ी।
कारागार अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि कोविड नियमों का ध्यान रखते हुए आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाने वाली बहनों को सुबह आठ बजे से प्रवेश दिया गया। दोपहर दो बजे तक समय पहले ही तय कर दिया गया था। इस दौरान 100 से अधिक बहनों ने अपने बंदी भाइयों को तो करीब 50 महिला बंदियों ने भाइयों को राखी बांधी हैं। वहीं गेट पर बहनों की भीड़ जुटी रही।