एटा। बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैंं। मलेरिया के केस भी सामने आने लगे हैं। यूं तो इसकी जांच सामान्य रूप से रैपिड कार्ड से ही की जाती है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी पर इस जांच को खारिज कर दिया है। सभी सीएचसी प्रभारियों को माइक्रोस्कोप से ही जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि कार्ड से जांच करने वालों का स्पष्टीकरण लिया जाएगा
जिले में आठ सीएचसी संचालित हैं। जिनकी ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1500 मरीज इलाज को पहुंचते हैं। बुखार के पीड़ितों की संख्या इसमें ज्यादा रहती है। बुखार के ग्रसित लोगों के प्लेटलेट्स भी कम आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में तो उन्हें डेंगू का संभावित मरीज मान उपचार किया जा रहा है। सभी सीएचसी पर बुखार पीड़िताें की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि बुखार पीड़ितों की जांच माइक्रोस्कोप से की जाए। सीएचसी पर अगर कार्ड से पीड़ित की मलेरिया की जांच हुई तो संबंधित से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया माइक्रोस्कोप की जांच सही रहती है। सीएचसी पर मशीन लगी हैं, उससे ही जांच के निर्देश दिए गए हैं। माइक्रोस्कोप की जांच में स्लाइड बनती है। जबकि कार्ड की जांच में स्लाइड नहीं बनती है। कार्ड से क्षेत्र में शिविर लगाकर जांच किए जाने के निर्देश हैं।
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है। अगर कोई बुखार से पीड़ित मलेरिया या डेंगू का ग्रसित मिलता है। तो उसे सीएचसी पर भर्ती कर उपचार करने के निर्देश हैं।