एटा। ग्राम पंचायत शीतलपुर फिर सुर्खियाें में है। यहां के पूर्व प्रधान ने 1.27 करोड़ रुपये के सरकारी धन का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत पर जांच शुरू करा दी गई है।
इस पंचायत की प्रधान, उनके पति, सचिव पर जून में कोतवाली नगर में गबन के मामले में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। यह खास बात थी कि इस रिपोर्ट में तत्कालीन परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण को भी नामित किया गया था। जांच अधिकारी के रूप में उन पर प्रधान, सचिव आदि को बचाने का आरोप था। इस मामले में प्रधान के खाते सीज किए गए। गबन साबित होने पर प्रधान से करीब 5 लाख रुपये की वसूली भी हुई थी। बाद में डीएम ने कड़ी चेतावनी जारी की थी।
अब नया मामला सामने आया है। पूर्व प्रधान संजय सिंह ने इसकी शिकायत डीएम से की है। बताया है कि प्रधान ने इस पंचायत के सचिव के सहयोग से 1.27 करोड़ लाख रुपये का गबन किया है। प्रशासनिक व्यय, सफाईकर्मी की किट, सफाई कार्य, सामुदायिक शौचालय, टॉयलेट, हैंडपंप मरम्मत, नाली-सड़क आदि निर्माण कार्य के नाम पर फर्जी तरीके से यह धनराशि निकाली गई है। सीडीओ डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी ने बताया कि पूर्व में भी उक्त ग्राम प्रधान पर कार्रवाई की जा चुकी है। अब उस मामले से अलग बिंदुओं पर शिकायत आई है। शिकायत में गंभीर आरोप हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।