एटा। शुक्रवार से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई। निर्देश थे कि क्रय केंद्रों पर सभी इंतजाम पूर्ण कर प्रभारी बैठें। अमर उजाला की टीम ने केंद्रों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। केंद्रों पर पहले दिन बैनर लगाकर खानापूर्ति की गई। कहीं केंद्र बंद थे तो कहीं प्रभारी ही नहीं थे।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 60 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शुक्रवार से खरीद के लिए क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देश थे। कहा गया था कि केंद्रों पर बैनर लगाया जाए। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को पूरा किया जाए। किसान के बैठने के लिए कुर्सी आदि की व्यवस्था हो। इसके अलावा केंद्र पर किसान आए तो खरीद के लिए उसका पंजीकरण किया जाए, लेकिन जिले में केंद्र प्रभारी पहले दिन ही लापरवाही करते मिले।
केंद्रों पर किसानों के लिए न बैठने और न ही पानी का कोई इंतजाम था। पास-पड़ोस के लोगों ने बताया कि उन्हेंं पता भी नहीं है कि गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। हाल यह था कि अलीगंज रोड पर स्थित क्रय केंद्र बंद था। मंडी के तीनों केंद्र खुले थे, लेकिन व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं थीं।