एटा। ओमिक्रॉन वैरिएंट के साथ आई कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर शुरू मेें बेहद घातक बताई जा रही थी। इस लहर में जिले में पहला कोरोना संक्रमित 28 दिसंबर को जेल के अंदर मिला। जिसके बाद संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। पूरे जनवरी माह कोरोना शिखर पर रहा तो कंटेनमेंट जोन भी ढाई सौ के करीब बनाने पड़ गए। इसके बाद फरवरी के दूसरे सप्ताह में संक्रमितों की संख्या धीरे-धीरे संख्या कम होने लगी। इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या भी कम होकर सवा सौ के करीब रह गई है।
इस लहर का पहला केस मिलने पर सबसे पहले दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। एक जिला जेल व आसपास का क्षेत्र और दूसरा अवागढ़ क्षेत्र में संक्रमित बंदी का गांव। इसके बाद 10 दिन में कोरोना संक्रमितों की संख्या 22 हो गई और कंटेनमेंट जोन 49 बनाने पड़े। 20 जनवरी तक संक्रमितों की संख्या बढ़कर 142 और कंटेनमेंट 235 पहुंच गए। जबकि 27 और 28 जनवरी को कंटेनमेंट जोन 243 थे। इसी दौरान सबसे अधिक संक्रमित और कंटेनमेंट जोन रहे थे।
जबकि फरवरी में कोरोना संक्रमितों की संख्या नीचे आती गई। पांच फरवरी को तो एक भी संक्रमित नहीं निकला। छह जनवरी को तीन और सात को पांच संक्रमित मिले। वर्तमान में कंटेनमेंट जोन घटकर 123 रह गए हैं। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि अब संक्रमितों की संख्या कम हो गई हैै। इसकी वजह से कंटेनमेंट जोन भी कम हुए हैं। यहां पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए है।