सुबह कार्य बहिष्कार के दौरान मेडिकल कॉलेज में बैठकर प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट। संवाद
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एटा। डिप्लोमा फार्मासिस्टों का दो घंटे का कार्य बहिष्कार मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ रहा है। वहीं बुधवार को फार्मासिस्टों की हड़ताल में अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी साथ दे दिया। इसके चलते सुबह के समय पर्चे नहीं बने और इस वजह से ओपीडी भी नहीं चल सकी। मरीजों को लेकर तीमारदार तक भटकते रहे। सुबह 10 बजे के बाद सेवाएं शुरू हुईं, तो हर जगह भीड़ टूट पड़ी।
फार्मासिस्ट अपनी मांगों को लेकर चार दिसंबर से आंदोलन कर रहे हैं। नौ दिसंबर से सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। बुधवार को फार्मासिस्टों का अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी हड़ताल में सहयोग किया और ओपीडी के पर्चे 10 बजे तक नहीं बनाए गए। फार्मासिस्टों की हड़ताल खुलने के बाद पर्चा बनाने का कार्य शुरू किया गया। इसके बाद मरीज ओपीडी में चिकित्सकों से उपचार लेने गए।