मंडी समिति स्थित केंद्र पर डीएपी के लिए लगी महिला व पुरुष किसानों की कतारें।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। डीएपी की जरूरत को कृषि महकमा और प्रशासन पूरा नहीं कर पा रहा। इसे लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है और हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। खाद वितरण वाले हर सहकारी केंद्र पर किसानों की अपार भीड़ और हंगामे के हालात रोज बन रहे हैं। किसान संगठनों ने भी डीएपी की किल्लत के विरोध में मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है। कचहरी पर धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को शहर की अधिकांश समितियों पर डीएपी नहीं थी। मंडी समिति स्थित केंद्र पर वितरण किया जा रहा था, जहां अंदर से बाहर तक कतारें लगी हुई थीं।
शहर के वली मोहम्मद चौराहा स्थित सहकारी समिति पर पिछले दिनों भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को यहां डीएपी ही उपलब्ध नहीं थी। कुछ किसान पहुंचे, जिनसे डीएपी न होने की बात कही तो किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गईं। पूछा कि कब तक खाद आएगी, जिसका कोई जवाब नहीं था।
मंडी समिति स्थित सहकारी समिति पर डीएपी उपलब्ध थी, लेकिन यहां से उसे लेना बहुत मुश्किल नजर आ रहा था। अंदर से लेकर मंडी के बाहर तक कतार में किसान खड़े थे। दोपहर करीब 1 बजे डीएम पहुंचे। कुछ किसानों की शिकायत पर डीएम ने कर्मचारियों को टोकने से ही खाद वितरित करने के निर्देश दिए।
कृषि अधिकारी, एआर कॉपरेटिव को लगाई फटकार
जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने मंडी समिति में डीएपी खाद वितरण के निरीक्षण के दौरान अधिक भीड़ मिलने और वितरण में लापरवाही मिलने पर मौजूद एआर कॉपरेटिव महावीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि डीएपी वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।