उत्तर प्रदेश के एटा में बुखार जानलेवा होता जा रहा है, शुक्रवार की देर शाम बुखार से एक 12 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। वहीं शनिवार को डेंगू एलाइजा की जांच में एक युवती सहित एक युवक डेंगू से ग्रसित निकला।
जिले में बुखार का प्रकोप बना हुआ है। शनिवार को इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में फिजीशियन व बाल रोग विभाग में 140 मरीज बुखार के पहुंचे। जहां बच्चा वार्ड में किदवई नगर निवासी आरिफ व सुनहरी नगर निवासी प्रिया को बुखार के चलते भर्ती किया गया। इसके अलावा डेंगू वार्ड में तीन बुखार के पीड़ित डेंगू संदिग्ध भर्ती किए गए।
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फिजीशियन कक्ष में 100 के करीब बुखार के पीड़ित पहुंचे। जबकि बाल रोग विभाग में डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया 28 से 30 तक बुखार के पीड़ित आए हैं। जहां दो बच्चों को भर्ती किया गया। जबकि इमरजेंसी में 24 घंटे में 10 बुखार के पीड़ित पहुंचे।
वहीं रिजोर थाना क्षेत्र के गांव मेहगनी निवासी सतीश ने बताया कि उनकी 12 वर्षीय बेटी वैष्णवी को चार दिन से बुखार आ रहा था। गांव के ही चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार की शाम हालत बिगड़ने पर उसे लेकर मेडिकल कॉलेज गए। वहां चिकित्सक ने मृत बता दिया।
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इसके अलावा शनिवार को चुरथरा निवासी 22 वर्षीय शशि व अवागढ़ निवासी 49 वर्षीय रामेश्वर को एलाइजा जांच में डेंगू निकला। वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक लोकमन ने बताया कि शुक्रवार को दोनों के सैंपल चुरथरा सीएचसी से जांच के लिए आए थे। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना सीएचसी प्रभारी को दे दी गई है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि बुखार से बालिका की मौत हुई है, इस मामले की जानकारी नहीं है। संबंधित गांव में टीम भेज पड़ताल कराई जाएगी। लोगों से अपील है कि बुखार आने पर झोलाछाप सहित मेडिकल संचालकों से दवा न लें। मेडिकल कॉलेज या सीएचसी-पीएचसी पर पहुंचकर इलाज कराएं।