एटा। जिले के समस्त मनरेगा कर्मी लंबित मानदेय, ईपीएफ–यूएएन में जमा न की गई राशि व 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री की ओर से ग्राम रोजगार सेवकों के सम्मेलन में की गई घोषणाओं के अमल न होने से आक्रोशित हैं। ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी ग्राम रोजगार सेवक 16 अप्रैल से 26 अप्रैल तक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। सकीट ब्लॉक पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यदि शासन ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 26 से 27 अप्रैल तक सभी ब्लॉकों में मुख्यमंत्री को संबोधित पोस्टकार्ड भेजकर ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद 28, 29 व 30 अप्रैल को जिले के विधायकों व सांसदों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। मजदूर दिवस 1 मई को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। बैठक में धर्मेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रामनरेश, नीरज कुमार, अरविंद कुमार, राजेंद्र सिंह, विकास, पुष्पेंद्र कुमार, अवधेश चंद्र और धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
मनरेगा मजदूरों ने ब्लॉक पर प्रदर्शन करते हुए आंदोलन की दी चेतावनी
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प्रदर्शन के बाद मनरेगा मजदूरों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
जलेसर। काफी समय से लंबित समस्याओं के समाधान न होने पर गुस्साए मनरेगा मजदूरों ने शनिवार को ब्लॉक पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए मनरेगा मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ पीएस आनंद को सौंपा है। मनरेगा मजूदरों ने समय रहते मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मनरेगा मजूदर के संगठन के अध्यक्ष नीरज यादव ने बताया उनकी मांगे वर्ष 2021 से लंबित हैं। संगठन के प्रमुख कार्यकर्ता ओमप्रकाश एवं गुलशेर खान ने बताया शासन-प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने उनकी मांगों को तरजीह नहीं दी। प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में प्रवीन कुमार, देवकुमार, शेरसिंह, यशपाल सिंह, देवेंद्र कुमार, अमीर सिंह सहित बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर मौजूद रहे।