मेडिकल स्टोर से सेनेटाइजर खरीदता ग्राहक ।संवाद
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एटा। लंबे समय तक जिले के कोरोना मुक्त रहने पर लोग लापरवाह बने हुए थे। अब पॉजिटिव केस आने के बाद सचेत हुए हैं। मास्क और सैनिटाइजर की अचानक मांग बढ़ गई है। सावधानी के मद्देनजर मेडिकल स्टोर्स पर लोग लगातार पहुंच रहे हैं।
जिला कारागार में पांच माह बाद 28 दिसंबर को एक बंदी कोरोना पॉजिटिव मिला। इस पर लोगों ने सतर्कता बरतना शुरू कर दी है। इससे पहले लोग लापरवाही बरत रहे थे। मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग छोड़ ही दिया गया था। मेडिकल स्टोर्स पर इनकी मांग खत्म हो गई थी। जब कोरोना पॉजिटिव मिला तो लोगों को भी पिछले कोरोना काल की याद ताजा हो गई। अचानक मेडिकल स्टोर्स पर मास्क और सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है। उधर, जिम्मेदार भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताकर अलर्ट कर रहे हैं और भीड़भाड़ से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है।
स्कूलों में भी बढ़ाई गई सख्ती
कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्कूल खुले तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन जोरशोर से कराया गया, लेकिन लंबे समय तक कोरोना केस न मिलने पर स्कूलों में भी शिथिलता आ गई थी। बच्चों को मास्क और सैनिटाइजर के लिए टोकना छोड़ दिया गया। साथ ही समूह वाले कार्यक्रम भी होने लगे। अब कोरोना की दस्तक के बाद सख्ती बढ़ाई गई है। सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही सैनिटाइजर साथ लाने को कहा जा रहा है।