बताया कि 10 जुलाई 2017 को टिंकू, सास कैलाश देवी ने बहन को पीटकर घर से निकाल दिया। इसके बाद हम लोगों ने कानूनी नोटिस भेजा। इसके मिलने पर 10 अगस्त 2017 को दोपहर दो बजे टिंकू, उसके तीन मामा घर पर आए और बहन को जबरन ले जाने लगे। विरोध पर टिंकू ने वहां पड़ा हंसिया उठाकर जान से मारने की नीयत से बहन पर प्रहार कर दिया। घायल अवस्था में सावित्री को सीएचसी जलेसर से आगरा रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अदालत में जहां बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को गलत बताया गया। वहीं अभियोजन पक्ष ने सबूतों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने टिंकू और कैलाश देवी को दोषी ठहराया। दस-दस कारावास के साथ ही 35-35 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
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दूसरा मामला मारहरा थाना क्षेत्र का है। इसमें राजवीर सिंह ने 14 अगस्त 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि अपनी पुत्री की शादी संजीव कुमार उर्फ संजय निवासी धरपसी थाना मारहरा के साथ करीब 14 महीने पहले की थी। अतिरिक्त दहेज के लिए पति संजीव सहित सास रामबेटी, ननद रीना, जेठ अजब सिंह प्रताड़ित करते थे।
बताया कि रंगीन टीवी और 50 हजार रुपये, भैंस देने की मांग करते थे। रक्षाबंधन वाले दिन उसे मायके से बुलाकर ले गए और हत्या कर दी। सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश ने संजीव कुमार, रामबेटी, अजब सिंह को दोषी ठहराया। तीनों को 10-10 साल के कारावास और 32-32 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है।